ED ने TMC सांसद अभिषेक बनर्जी को इस दिन पेश होने के लिए किया समन
कोलकाता; प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कथित विद्यालय रोजगार घोटाले की जांच के सिलसिले में तृणमूल कांग्रेस पार्टी (TMC) के सांसद अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) को नौ नवंबर को यहां पेश होने के लिए समन किया है। तृणमूल कांग्रेस पार्टी (TMC) के एक नेता ने बुधवार को यह जानकारी दी। पश्चिम बंगाल की स्त्री एवं बाल कल्याण मंत्री और तृणमूल कांग्रेस पार्टी प्रवक्ता शशि पांजा (Shashi Panja) ने बोला कि बनर्जी बृहस्पतिवार को प्रवर्तन निदेशालय के सामने पेश होंगे। उन्होंने इल्जाम लगाया कि पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव बनर्जी ‘‘बदले की राजनीति” का शिकार हुए हैं।

उन्होंने यह भी इल्जाम लगाया कि बीजेपी (भाजपा) अगले वर्ष होने जा रहे जरूरी लोकसभा चुनाव से पहले अपने विरोधी नेताओं को ‘‘परेशान” करने के लिए ऐसी प्रतिशोध की राजनीति कर रही है। बीजेपी की पश्चिम बंगाल इकाई के प्रवक्ता शमिक लाहिड़ी ने बोला कि पार्टी बदले की राजनीति में विश्वास नहीं करती है।
उन्होंने बोला कि केंद्रीय एजेंसियों द्वारा समन न्यायालय की नज़र में किया जा रहा है और यदि तृणमूल कांग्रेस पार्टी को कोई परेशानी है तो वह न्यायालय का रुख कर सकती है। प्रवर्तन निदेशालय ने इससे पहले बनर्जी को नौ अक्टूबर को उसके सामने पेश होने के लिए समन किया था। इससे पहले वह प्रवर्तन निदेशालय के समन के उत्तर में तीन अक्टूबर को उसके समक्ष पेश नहीं हुए थे क्योंकि वह राज्य के लिए केंद्रीय रकम तुरन्त जारी करने की मांग को लेकर नई दिल्ली में तृणमूल कांग्रेस पार्टी की विरोध रैली में शामिल हुए थे।
13 सितंबर को शिक्षक भर्ती घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय ने बनर्जी से लगभग नौ घंटे तक पूछताछ की थी। तब उन्होंने दावा किया था कि यह पूछताछ उन्हें विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेमोक्रेटिक इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) की बैठक में भाग लेने से रोकने का एक कोशिश है और यह इस बात का भी प्रमाण है कि तृणमूल कांग्रेस पार्टी विपक्षी एकता बनाने में जरूरी किरदार निभाती है। दो बार के तृणमूल कांग्रेस पार्टी सांसद से प्रवर्तन निदेशालय ने कोयला चोरी मुद्दे में भी दो बार पूछताछ की थी। एजेंसी ने उनसे एक बार 2021 में राष्ट्रीय राजधानी में अपने कार्यालय में और फिर 2022 में कोलकाता में पूछताछ की थी।

