IAS संजीव हंस के सामने ये सवाल रखेगी ED की टीम
भ्रष्ट्राचार के इल्जाम में पिछले दिनों अरैस्ट हुए आईएएस (IAS) अधिकारी संजीव हंस को प्रवर्तन निदेशालय की टीम रिमांड पर लेकर आज से पूछताछ प्रारम्भ करेगी। यह पूछताछ अगले सात दिनों तक चलेगी। प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने आईएएस संजीव हंस से पूछताछ के लिए प्रश्नों की लंबी लिस्ट भी तैयार कर रखी है। सूत्रों के मुताबिक प्रवर्तन निदेशालय की तीन भिन्न-भिन्न टीम आईएएस संजीव हंस से ढंग से पूछताछ करेगी।

वहीं आय से अधिक संपत्ति के इसी मुद्दे में बेऊर कारावास में बंद पूर्व विधायक गुलाब यादव को भी रिमांड पर लेने के लिए प्रवर्तन निदेशालय की ओर से दाखिल याचिका पर आज प्रवर्तन निदेशालय की विशेष न्यायालय अपना निर्णय सुनाएगी। वहीं इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय की विशेष न्यायालय ने बुधवार को जांच टीम निवेदन को स्वीकार करते हुए संजीव हंस को रिमांड पर सौंपने का आदेश जारी किया था।
250 करोड़ का है मामला
बता दें, प्रवर्तन निदेशालय ने संजीव हंस और गुलाब यादव के मधुबनी, पटना, पुणे, हरियाणा और हिमाचल के ठिकानों पर छापामारी की थी। इन दिनों के विरुद्ध गैरकानूनी रूप से करोड़ों के निवेश की जानकारी मिली थी। प्रवर्तन निदेशालय संजीव हंस और गुलाब यादव के खिलाफ 250 करोड़ से अधिक की मनी लाउंड्रिंग मुद्दे की जांच कर रही है। इसी मुद्दे में इन दोनों के साथ अन्य दो को अरैस्ट किया है जो फिलहाल न्याययिक हिरासत में बेऊर कारावास में बंद हैं।
क्या है पूरा मामला?
इसके बाद साल 2018 में उक्त स्त्री वकील को एक बेटा हुआ तो स्त्री ने दावा किया कि बेटा इस आईएएस संजीव हंस का है। फिर क्या था यह मुद्दा सुर्खियों में आ गया। इसके बाद लगातार यह मुद्दा हाइलाइटेड रहा। साल 2022 में उक्त स्त्री ने पटना पुलिस को आवेदन दिया, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। इसके बाद इल्जाम लगाने वाली स्त्री न्यायालय गई और न्यायालय के आदेश पर 2023 में पटना के रूपसपुर पुलिस स्टेशन में मुकदमा दर्ज कराया गया। इसके बाद पटना एसएसपी की 17 अप्रैल 2023 की रिपोर्ट में स्त्री के आरोपी को ठीक पाया गया।
पंजाब के रहने वाले हैं संजीव हंस
बता दें कि संजीव हंस साल 1997 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। मूल रूप से पंजाब के रहने वाले हैं। संजीव हंस के पिता भी भारतीय प्रशासनिक सेवा में थे। संजीव हंस ने सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक किया है। बिहार के बांका जिला में उनको पहली पोस्टिंग मिली थी इसके बाद कई जिलों के डीएम पद पर रहे। इसके बाद वह नीतीश कुमार के करीबी ऑफिसरों में गिने जाने लगे थे। बाद में विद्युत विभाग का जिम्मा उनके दिया गया। वह जल संसाधन और स्वास्थ्य विभाग में भी अपनी सेवा दे चुके हैं।

