MDA सरकार में एक साथ आठ मंत्रियों ने दिया इस्तीफा
Meghalaya: मेघालय की राजनीति में मंगलवार का दिन कई अहम बदलावों का गवाह बना। एनपीपी (नेशनल पीपल्स पार्टी) के नेतृत्व वाली मेघालय डेमोक्रेटिक अलायंस (MDA) गवर्नमेंट में एक साथ आठ मंत्रियों ने त्याग-पत्र दे दिया, जिससे राज्य की सियासी हलचलों में अचानक तेजी आ गई है। राज्य में लंबे समय से मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा चल रही थी। इसी सिलसिले में मंगलवार को सीएम कोनराड संगमा ने स्वयं गवर्नर सीएच विजयशंकर से मुलाकात कर आठ मंत्रियों का त्याग-पत्र सौंपा। बताया जा रहा है कि यह कदम गवर्नमेंट के भीतर संतुलन साधने और नयी सियासी साझेदारियों को स्थान देने के उद्देश्य से उठाया गया है।

इन मंत्रियों ने दिए इस्तीफे
इस्तीफा देने वाले मंत्रियों में कई वरिष्ठ और प्रभावशाली चेहरे शामिल हैं:
1. माजेल अम्पारीन लिंगदोह
2. कोमिंगोन यम्बोन
3. रक्कम अम्पांग संगमा
4. अबू ताहिर मंडल
5. पॉल लिंगदोह
6. किरमेन श्याला
7. शकलियार वारजरी
8. एएल हेक
बता दें कि इन नेताओं का त्याग-पत्र स्वैच्छिक कहा जा रहा है। इसके साथ ही ये भी जानकारी सामने आ रही है कि यह सभी मंत्रिमंडल के पुनर्गठन की प्रक्रिया का हिस्सा हैं।
कौन होंगे नए मंत्री?
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, त्याग-पत्र देने वाले मंत्रियों की स्थान अब कुछ नए चेहरों को मंत्री पद की शपथ दिलाई जाएगी। संभावित नए मंत्रियों में ये नाम सामने आ रहे हैं उसके मुताबि-
– वैलादमिकी शायला (NPP विधायक)
– सोस्थनीस सोहतुन
– ब्रेनिंग संगमा
ये तीन नाम चर्चा में फिलहाल आगे बताए जा रहे हैं। सूत्रों की मानें तो इन नए चेहरों को गवर्नमेंट में शामिल कर कोनराड संगमा अपने दूसरे कार्यकाल को और मजबूती देने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।
शाम को शपथग्रहण समारोह
राज्यपाल कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि नए मंत्रियों को मंगलवार शाम 5 बजे राजभवन में शपथ दिलाई जाएगी। इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। यह शपथग्रहण न सिर्फ़ गवर्नमेंट की संरचना में परिवर्तन लाएगा, बल्कि आनें वाले पंचायत और लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए सियासी समीकरणों को भी प्रभावित करेगा।
रणनीतिक परिवर्तन की ओर बढ़ता मेघालय
मेघालय में एकसाथ आठ मंत्रियों का त्याग-पत्र सामान्य घटना नहीं है। यह दर्शाता है कि सीएम कोनराड संगमा अपनी गवर्नमेंट में नयी ऊर्जा और अगुवाई को अहमियत दे रहे हैं। आने वाले दिनों में यह परिवर्तन राज्य की राजनीति में नयी दिशा और गति ला सकता है। सभी की निगाहें अब शपथ लेने वाले नए चेहरों और उनकी जिम्मेदारियों पर टिकी होंगी।

