आतंकी हमले पर ऑनलाइन पोस्ट करने के लिए असम में आठ लोगों को किया गया आरेस्ट
Pahalgam Terror Attack: पहलगाम हमले के बाद राष्ट्र के गद्दारों पर एक्शन हो रहा है। कई आतंकवादियों के घरों को बमों से उड़ा दिया गया है। सेना के जवान से लेकर पुलिस प्रशासन तक सभी सक्रिय मोड में नजर आ रहे हैं। पहलगाम हमले के बाद सोशल मीडिया पर भी नजर रखी जा रही है। इसके अनुसार आतंकवादी हमले पर औनलाइन पोस्ट करने के लिए असम में अब तक कम से कम आठ लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें एक विपक्षी विधायक भी शामिल है। असम के अतिरिक्त कई ऐसे राज्य हैं जिसके विरुद्ध एक्शन हुआ है। 
असम में गिरफ्तारी के बाद मुख्यमंत्री बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को कहा कि आठ लोगों में से छह को शुक्रवार को हिरासत में लिया गया, जबकि एआईयूडीएफ विधायक अमीनुल इस्लाम समेत दो अन्य को एक दिन पहले हिरासत में लिया गया। इसे लेकर मुख्यमंत्री ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि असम ऐसे किसी भी आदमी को बर्दाश्त नहीं करेगा जो पहलगाम में हुए जघन्य हमले के सिलसिले में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से पाक का समर्थन या बचाव करता है।
अब तक, सोशल मीडिया पर पाक के पक्ष को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से बढ़ावा देने के लिए असम पुलिस ने हैलाकांडी – मोहम्मद जाबिर हुसैन, सिलचर – मोहम्मद ए।के। बहाउद्दीन, मोहम्मद जावेद मजूमदार, मोरीगांव – मोहम्मद महाहर मिया, मोहम्मद मुजीहिरुल इस्लाम, नागांव – मोहम्मद अमीनुल इस्लाम, शिवसागर – मोहम्मद साहिल अली को अरैस्ट किया है। साथ ही साथ कहा कि असम पुलिस ने बाद में दो और गिरफ्तारियाँ कीं, इसमें मोहम्मद जरीफ अली, 25 और सत्र मुक्ति संग्राम परिषद के जिला सचिव अनिल बनिया को अरैस्ट किया है। हुसैन एक पत्रकार हैं, बहाउद्दीन असम विश्वविद्यालय, सिलचर के कंप्यूटर विज्ञान के विद्यार्थी हैं, मजूमदार एक प्रैक्टिसिंग वकील हैं और बनिया एक विद्यार्थी नेता हैं। असम के अतिरिक्त मेघालय में हमले पर पोस्ट करने के लिए मे एक और त्रिपुरा में दो लोगों को हिरासत में लिया गया है।

