चुनाव आयोग ने अपनी वेबसाइट और ऐप पर नया ‘ई-साइन’ फीचर किया शुरू
चुनाव आयोग (EC) ने अपनी वेबसाइट और ऐप पर नया ‘ई-साइन’ फीचर प्रारम्भ कर दिया है। इसके अनुसार अब वोटर रजिस्ट्रेशन, नाम हटाने या सुधार के लिए आवेदन करने वालों को अपनी पहचान आधार से लिंक मोबाइल नंबर के जरिये सत्यापित करनी होगी।

अब तक कैसे जुड़ता हटता था वोटर लिस्ट में नाम
पहले आवेदक चुनाव की वेबसाइट या ऐप पर अपने EPIC (वोटर आईडी) नंबर से मोबाइल जोड़कर फॉर्म सबमिट कर सकते थे। उस समय यह जांच नहीं होती थी कि ये डिटेल असल में उसी आवेदक की हैं या नहीं।
क्या है नयी प्रक्रिया?
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, अब नए वोटर का नाम जोड़ने के लिए Form 6, नाम हटाने के लिए Form 7 और सुधार के लिए Form 8 भरते समय आवेदक को ई-साइन प्रक्रिया पूरी करनी होगी। फॉर्म भरने के बाद आवेदक को CDAC के पोर्टल पर भेजा जाएगा। यहां आधार नंबर डालकर आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर OTP आएगा। OTP डालकर सहमति देने के बाद ही आवेदन आगे बढ़ेगा और ECINet पोर्टल पर सबमिट किया जा सकेगा।
चुनाव आयोग के सूत्रों का बोलना है कि इस नयी प्रक्रिया से आलंद जैसी घटनाओं के दोबारा होने की आसार काफी कम हो जाएगी।
राहुल गांधी के इल्जाम पर EC का जवाब
याद दिला दें कि राहुल गांधी ने 18 सितंबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया था कि आलंद विधानसभा क्षेत्र में औनलाइन सबमिशन के जरिए करीब 6,000 मतदाताओं के नाम हटाने की प्रयास की गई। इसमें असली मतदाताओं की पहचान का गलत इस्तेमाल किया गया था और OTP प्राप्त करने के लिए ऐसे मोबाइल नंबर लगाए गए जो उन वोटर्स के नहीं थे।
हालांकि, चुनाव आयोग ने साफ किया था कि ‘कोई भी शख्स सीधे औनलाइन वोटर डिलीट नहीं कर सकता। हर डिलीशन से पहले प्रभावित आदमी को सुनवाई का मौका देना महत्वपूर्ण है।’ आयोग ने कहा था कि आलंद मुद्दे में 6,018 नामों पर डिलीशन के लिए आवेदन आए थे, जिनमें से केवल 24 ठीक पाए गए। बाकी 5,994 मतदाता अब भी वहीं रह रहे थे। इस मुद्दे में फरवरी 2023 में FIR दर्ज की गई थी।
ECINet क्या है?
इस वर्ष लॉन्च हुआ ECINet पोर्टल चुनाव आयोग के लगभग 40 पुराने ऐप्स और वेबसाइट्स को जोड़कर बनाया गया है। इसमें पहले प्रारम्भ किया गया ERONet (2018) भी शामिल है, जो चुनाव पंजीकरण ऑफिसरों (EROs) के लिए बनाया गया था। ECINet के जरिए मतदाता औनलाइन फॉर्म भर सकते हैं और संबंधित बूथ लेवल अधिकारी (BLO) और ERO उसकी जांच कर सकते हैं।
नए ई-साइन फीचर के साथ अब चुनाव आयोग मतदाता सूची में पारदर्शिता और सुरक्षा को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठा चुका है।

