राष्ट्रीय

जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) में रिश्वत लेते कर्मचारियों व अधिकारी को किया गया निलंबित

जयपुर. जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) में घूस लेते कर्मचारियों और अधिकारी को निलंबित कर दिया है. पकड़े जाने वालों में तहसीलदार, जेईएन, पटवारी सहित 6 अधिकारी और 1 दलाल को घूस लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया. इन घूसखोरों ने कहा कि यह गंदा खेल सालों से चल रहा है, और पैसा “ऊपर तक” जाता है. उन्होंने एसीबी (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) को कहा कि जिस तरह से वे घूस लेते हैं, उनके ऊपर बैठे अधिकारी भी पैसे लेते हैं, और उन्हें भी पकड़ना चाहिए.
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एसीबी ने शुक्रवार शाम को JDA ऑफिस (जोन-9) में छापा मारा था, जहां से उन्होंने 7 लोगों को अरैस्ट किया. तहसीलदार लक्ष्मीकांत गुप्ता, जेईएन खेमराज मीणा, पटवारी रविकांत शर्मा और विमला मीणा, गिरदावर रुक्मणी और श्रीराम शर्मा, और दलाल महेश मीणा को पकड़ा था. महेश मीणा, पटवारी विमला मीणा का पति है, जो दलाली का काम करता था. इन सभी के साथ जोन-9 के उपायुक्त जेडीए सेवा के गुलाबचंद को भी निलंबित कर दिया गया है.

घटना की क्या थी वजह : इस पूरी घटना का कारण लैंड कंवर्जन के एक मुद्दे में आरोपियो ने 12-13 लाख रुपए घूस की मांग की थी, जिसे बाद में 1.50 लाख रुपए में निपटाने का सौदा तय हुआ था. एसीबी ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए 20 से अधिक टीमों का गठन किया, जिसने छापा मारा और सभी को पकड़ लिया.

यह मुद्दा जयपुर में करप्शन की गहरी जड़ें उजागर करता है और इससे जुड़े सभी ऑफिसरों पर कानूनी कार्रवाई का दबाव बढ़ रहा है.

 

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