फवाद चौधरी : भारत में एनडीए को जनता के द्वारा जो रिजेक्शन मिलेगी, वह…
पाक की इमरान खान गवर्नमेंट में मंत्री रहे फवाद चौधरी ने आईएएनएस के साथ खास वार्ता में हिंदुस्तान में हो रहे लोकसभा चुनाव, कांग्रेस, भाजपा, नरेंद्र मोदी, राहुल गांधी, कश्मीर पर खुलकर अपने विचार रखे. उन्होंने बोला कि पाक की अपनी कई समस्याएं हैं, ऐसे में हिंदुस्तान के चुनाव को लेकर कोई अधिक बात नहीं होती.

फवाद चौधरी ने इस वार्ता में बोला कि मैं जिस तरह से सारे न्यूज चैनल पर जो आंकड़े देख रहा हूं और जो मैंने संभावना व्यक्त किया है, उसके मुताबिक पहले जो संभावना व्यक्त किया जा रहा था कि हिंदुस्तान में एनडीए गठबंधन 400 से अधिक सीटें जीत जाएगी. अब वह लगभग 300 पर स्वयं ही आ गई है.
फवाद ने आगे बोला कि मुझे लगता है कि हिंदुस्तान में एनडीए को जनता के द्वारा जो रिजेक्शन मिलेगी, वह दिल्ली से पंजाब से नॉर्थ इण्डिया से वहीं साउथ में तो इनके बढ़ने का कोई चांस नहीं है. बीजेपी का जो ख्याल था कि भारतीय संविधान को ही बदल देंगे और हिंदुस्तान को आरएसएस का एक देश बना देंगे, वह पूरी नहीं होगी.
फवाद चौधरी ने बोला कि हिंदुस्तान के अंदर एक प्रोपेगैंडा के लिए तो यह अच्छी बात है कि नरेंद्र मोदी को दुनिया बड़े आईकॉन के तौर पर देखती है. लेकिन, सच्चाई यह है कि उनका काफी मजाक उड़ाया जाता है. मोदी साहब जब अमेरिका गए थे तो ट्रंप ने उनके बारे में जोक्स बोला था. इमरान खान से भी जब ट्रंप की मुलाकात हुई थी तब भी उन्होंने नरेंद्र मोदी के लिए जोक्स कहे थे.
फवाद चौधरी ने बोला कि हिंदुस्तान में अपनी मीडिया के जरिए मोदी को आईकॉन बनाया गया. लेकिन, दुनिया में ऐसा कुछ भी नहीं है. नरेंद्र मोदी को लोग एक कट्टरपंथी मानते हैं. उन्होंने बोला कि नरेंद्र मोदी तो अमेरिका में दाखिले के लिए ब्लैक लिस्टेड थे. गुजरात में जो मुख्यमंत्री के तौर पर उन्होंने किया, जब हजारों मुसलमानों को मारा गया. ऐसे में उनकी कहीं पर कैसे कोई इज्जत हो सकती है.
फवाद ने बोला कि जहां तक पाक की बात है, हमारी समस्याएं इतनी हैं कि हिंदुस्तान के चुनाव पर हमारे यहां अधिक बातें नहीं हो रही हैं. ना ही पाक में हिंदुस्तान को लेकर इतना ऑब्सेशन है, जितना हिंदुस्तान में पाक को लेकर ऑब्सेशन है. ऐसे में पाक में राहुल गांधी की पॉपुलैरिटी का तो नहीं पता, लेकिन, नरेंद्र मोदी बहुत अन-पॉपुलर हैं.
फवाद चौधरी ने बोला कि जब से बाबरी मस्जिद वाला प्रकरण हुआ और नरेंद्र मोदी ने एक कट्टरपंथी पॉलिसीज ली हैं, तब से वह पाक में बहुत अधिक अन-पॉपुलर हैं.
भारत के साथ पाक और पाक के साथ हिंदुस्तान के संबंध बेहतर करने को लेकर किए गए प्रश्न पर फवाद चौधरी ने कहा, पाक के साथ हिंदुस्तान का संबंध बनाना तो नरेंद्र मोदी साहब की मर्जी होगी. कोई भी अक्लमंद आदमी जानता है कि हिंदुस्तान यदि पाक के साथ यदि संबंध बनाता है तो इसमें लाभ हिंदुस्तान का ही है. हालांकि, हिंदुस्तान के पंजाब से हमारे लिए बहुत कुछ लाभ मिल सकता है. वहां बॉर्डर खुले तो हमारे लिए ट्रेड सरल होगा. क्योंकि, यहां कई हिस्से लैंड लॉक्ड हैं. जबकि, हिंदुस्तान यदि पाक के साथ संबंध बनाता है तो वह अधिक लाभ में रहेगा. ऐसे में किसी ने यदि नरेंद्र मोदी को यह मशविरा दिया है कि पाक के साथ उनके संबंध महत्वपूर्ण नहीं हैं तो उनको फिर से एक बार इस पूरे मुद्दे की स्टडी कराने की आवश्यकता है.
फवाद चौधरी ने बोला कि हिंदुस्तान में लोगों को ऑब्सेशन है कि पाक में लोग भूख से मरे जा रहे हैं. उन्होंने आगे बोला कि मैं तो कहता हूं सीमाओं को खोलें और हालात जरा सामान्य हों तो पता चले कि पाक में हालात क्या हैं और हिंदुस्तान में क्या हैं. पाक में स्टैंडर्ड ऑफ लिविंग हिंदुस्तान से बहुत बेहतर है. जबकि, हिंदुस्तान में तो सारी सम्पत्ति 20-22 खानदानों के पास सिमटी है और पूरा देश गरीबी में मर रहा है.
कश्मीर को लेकर फवाद चौधरी ने बोला कि हिंदुस्तान के हिस्से वाले कश्मीर में जब चुनाव होंगे तो आपको पता चलेगा कि 370 कैसे रिजेक्ट होता है. आप देखेंगे कि वहां बीजेपी को कितनी शिकस्त मिलती है. उससे आपको हिंदुस्तान के हिस्से वाले कश्मीर की जनभावना का पता चल जाएगा.
फवाद ने बोला कि पाक अधिकृत कश्मीर में भी विरोध प्रदर्शन हुए हैं, लेकिन, उसके पीछे की वजह है कि यहां पर एक चुनी हुई गवर्नमेंट को हटाकर एक डमी गवर्नमेंट बना दी गई. जिसकी वजह से लोगों में गुस्सा था. लोग जब इस तरह विरोध करें तो पता चलता है कि लोकतंत्र जिंदा है.
फवाद ने आगे बोला कि दोनों साइड के कश्मीर के लोग पाक के साथ जुड़े हुए हैं. उनका दिल पाक के साथ जुड़ा हुआ है. उन्होंने दावा किया कि जब भी मौका मिलेगा कश्मीरी पाक के साथ जुड़ेंगे.
फवाद ने आगे बोला कि महंगाई कोई पाक में बड़ा समस्या नहीं है, यह तो हिंदुस्तान में भी काफी बड़ा समस्या है. या कहें तो पूरी दुनिया में यह बड़ी कठिनाई है. पाक में गवर्नमेंट के प्रति लोगों का गुस्सा है. क्योंकि, आपने यहां एक ऐसा सिस्टम लगा दिया है, जिसमें लोगों ने गवर्नमेंट के लिए वोट ही नहीं किया. अरविंद केजरीवाल ने उस दिन जो बात कही वह एकदम ठीक कही. पाक में चुनाव हुए, सबसे बड़ी पार्टी का सिंबल ले लिया गया. इमरान खान को कारावास में डाल दिया गया. हम सबको चुनाव के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया और यहां एक जाली हुकूमत लगा दी. इस गवर्नमेंट के विरुद्ध तो लोगों में खूब गुस्सा है. पाक में लोग इसका विरोध कर रहे हैं.

