Jammu Kashmir : चुनाव से पहले पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला ने दिया ये बयान
कुछ ही दिनों में जम्मू और कश्मीर विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. फिर सभी पार्टियां इस चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए तैयारियों में जुट गई हैं. उमर अब्दुल्ला फिलहाल जम्मू और कश्मीर में होने वाले चुनाव को लेकर लगातार प्रचार-प्रसार करते नजर आ रहे हैं. चुनाव से पहले पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने एक ऐसा बयान दिया है, जिससे राज्य की राजनीति गरमा गई है. दरअसल, उमर अब्दुल्ला को डर है कि जम्मू और कश्मीर में भाजपा गवर्नमेंट बना सकती है. मीडिया से बात करते हुए उमर अब्दुल्ला ने बोला कि उन्हें डर है कि यदि कश्मीर घाटी में वोट बंटे तो इसका सीधा लाभ भाजपा को होगा. उस स्थिति में भाजपा सत्ता में आ सकती है. उन्होंने कश्मीर के लोगों से अपनी मतदान शक्ति का विवेकपूर्ण इस्तेमाल करने की अपील की.

महबूबा मुफ़्ती भी डरी हुई हैं
उमर अब्दुल्ला ने एक चुनावी जनसभा में दावा किया कि आज भाजपा के वर्करों को बंदूकें बांटी जा रही है. भाजपा की नाकामी और हुकूमत के विपल रहने का सबसे बड़ा सबूत ये बंदूक है. इन्होंने जम्मू में दोबारा हालात खराब किए हैं. अब्दुल्ला ने बोला कि 2014 तक हमारी हुकूमत थी. हमने इन इलाकों को मिलिटेंसी से आजाद कर दिया था. भाजपा का नारा जम्मू को बचाना है एक बार बटन दबाना है असत्य है. इन्होंने जम्मू को तबाह किया है. उमर अब्दुल्ला के अतिरिक्त पीडीपी अध्यक्ष और पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती पर भी वोट शेयरिंग का खतरा मंडरा रहा है. उन्होंने यह भी बोला कि इंजीनियर रशीद जैसे नेता कश्मीर घाटी में भाजपा के पूरक के तौर पर काम कर रहे हैं और भाजपा की बी टीम की किरदार निभा रहे हैं.
क्या है भाजपा की रणनीति?
कश्मीर में भी भाजपा की रणनीति यही लग रही है। पार्टी ने जम्मू की हर सीट पर उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है, लेकिन कश्मीर घाटी में केवल 19 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। इस बारे में जानकार तर्क दे रहे हैं कि पार्टी अपने दम पर कश्मीर में अधिक सीटें नहीं जीत सकती, ऐसे में प्रति ने स्वतंत्र उम्मीदवारों पर भरोसा जताया है और चुनाव के बाद भाजपा जीते हुए स्वतंत्र उम्मीदवारों को अपने में शामिल कर सकती है.

