MPRTO के पूर्व सिपाही सौरभ शर्मा हुए गिरफ्तार
भोपाल। मध्य प्रदेश परिवहन विभाग (MPRTO) के पूर्व सिपाही सौरभ शर्मा को अरैस्ट कर लिया गया है। सौरभ शर्मा के वकील राकेश पराशर ने दावा किया है कि लोकायुक्त पुलिस ने सौरभ को हिरासत में ले लिया है। न्यायालय के बाहर ही लोकायुक्त पुलिस की टीम ने उसे दबोच लिया।ईडी, इनकम टैक्स और लोकायुक्त की टीम ने सौरभ के ठिकानों पर छापा मारा था। जांच एजेंसियों को उसकी तलाश थी। इस कार्रवाई के करीब 40 दिनों बार गुपचुप ढंग से सौरभ ने सरेंडर की अर्जी लगाई थी। सौरभ शर्मा के विरुद्ध लुकआउट नोटिस जारी किया गया था। इसके बावजूद सौरभ के सरेंडर के बारे में जांच एजेंसियां को समाचार तक नहीं लगी।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आवेदन में सौरभ शर्मा ने कहा है कि उसकी जान को खतरा है। उस पर धावा हो सकता है। इतना ही नहीं उसने हर 24 घंटे में मेडिकल चेकअप करवाने की भी मांग की है।
कई दिनों से फरार था सौरभ शर्मा
सौरभ शर्मा के न्यायालय में सरेंडर करने की चर्चाएं तेज थी। लोकायुक्त की टीम ने भी अपने लेवल पर तैयारी कर रखी थी। कहा जा रहा है कि न्यायालय पहुंचने से पहले ही सौरभ को हिरासत में ले लिया गया है। बता दें कि मध्य प्रदेश की लोकायुक्त पुलिस ने 18 और 19 दिसंबर को परिवहन विभाग के पूर्व सिपाही सौरभ शर्मा के ठिकानों पर छापा मारा था। इस दौरान 2 क्विंटल से अधिक चांदी की ईटें,7 करोड़ से अधिक कैश और सोने चांदी के गहने मिले थे। इनकम टैक्स विभाग, प्रवर्तन निदेशालय और लोकायुक्त की कार्रवाई के बाद सौरभ फरार हो गया था। इसके बाद पता चला था कि सौरभ दुबई में है। इसके बाद लुकआउट नोटिस जारी किया गया था।
के पास 93 करोड़ से अधिक की प्रॉपर्टी मिली। जबकि एक कार से 52 किलो सोना और 11 करोड़ कैश भी मिला था। प्रवर्तन निदेशालय ने इस मुद्दे में सौरभ शर्मा के करीबी चेतन सिंह गौर, शरद जायसवाल, रोहित तिवारी के ठिकानों और कई संबंधियों के घरों पर भी छापा मारा है। उनकी प्रॉपर्टी भी अब जांच के दायरे में आ गई है।

