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गौतम अडाणी ने राज्य में अपने समूह के निवेश की योजनाओं की घोषणा की…

भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS-2025) में उद्योगपति गौतम अडाणी ने राज्य में अपने समूह के निवेश की योजनाओं की घोषणा की. अडानी ग्रुप ने पहले ही राज्य में 50 हजार करोड़ रुपये का निवेश किया है और अब अगले कुछ सालों में इस निवेश को बढ़ाकर 1 लाख 10 हजार करोड़ रुपये करने की योजना बनाई है. इस निवेश से प्रदेश में लगभग 1 लाख 20 हजार रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, जो राज्य की आर्थिक स्थिति को मजबूती प्रदान करेंगे.

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अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी ने समिट में अपनी उपस्थिति को सौभाग्यपूर्ण कहा और पीएम मोदी के नेतृत्व में राष्ट्र की प्रगति का जिक्र करते हुए कहा, “मेक इन इंडिया, डिजिटल इण्डिया और आत्मनिर्भर हिंदुस्तान जैसे कार्यक्रमों ने राष्ट्र को नयी दिशा दी है. अडानी ग्रुप मध्यप्रदेश में 50 हजार करोड़ रुपये का निवेश कर चुका है और हम इस निवेश को बढ़ाकर 1 लाख 10 हजार करोड़ रुपये करेंगे. इस निवेश का बड़ा हिस्सा सीमेंट, माइनिंग और थर्मल एनर्जी में किया जाएगा. हम गवर्नमेंट के साथ मल्टी स्मार्ट सिटी और एयरपोर्ट सिटी जैसे प्रोजेक्ट्स पर भी चर्चा कर रहे हैं.

अडानी ने आगे बोला कि यह निवेश प्रदेश में आर्थिक प्रगति को गति देगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. 2030 तक प्रदेश में 1 लाख 20 हजार लोगों को रोजगार मिलने की आसार है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को एक नया आयाम मिलेगा. वहीं, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में अन्य प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भी मध्यप्रदेश में निवेश बढ़ाने की योजनाओं का खुलासा किया. गोदरेज इंडस्ट्रीज के मैनेजिंग डायरेक्टर नादिर गोदरेज ने कहा, “मध्यप्रदेश लगातार विकास कर रहा है, और इसलिए यहां निवेश करना एक समझदारी का कदम है. गोदरेज का प्रदेश में पहले से ही निवेश है, और हम इसे और बढ़ाने का प्लान बना रहे हैं.

आईटीसी के संजीव पुरी ने भी मध्यप्रदेश के विकास की प्रशंसा की और बोला कि राज्य में कृषि क्षेत्र के अतिरिक्त अन्य सेक्टर में भी अपार संभावनाएं हैं. पीएम मोदी के नेतृत्व में हिंदुस्तान की अर्थव्यवस्था को नयी दिशा मिल रही है, और मध्यप्रदेश इस परिवर्तन का हिस्सा बनने में सक्षम है. अवादा ग्रुप के चेयरमैन विनीत मित्तल ने भी समिट में अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए बोला कि मध्यप्रदेश को उन्होंने “हृदय प्रदेश” के रूप में पहचाना है, और यहाँ निवेश की अपार संभावनाएं हैं. 2013 में सोलर प्रोजेक्ट्स से आरंभ करने वाले अवादा ग्रुप अब 50 हजार करोड़ रुपये के सोलर और विंड पावर प्रोजेक्ट्स लगाने की योजना बना रहा है.

सागर ग्रुप के सुधीर अग्रवाल ने भी निवेश की योजनाओं के बारे में बताया. उन्होंने बोला कि उनका समूह मध्यप्रदेश में पांच प्रमुख क्षेत्रों में काम कर रहा है, और राज्य में बिजली और पानी की कोई कमी नहीं है. उन्होंने बोला कि,  “डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में हमें गवर्नमेंट से भरपूर योगदान मिल रहा है.” पतंजलि योगपीठ के आचार्य बालकृष्ण ने भी समिट में भाग लिया और प्रदेश में निवेश की अनंत संभावनाओं का जिक्र किया. उन्होंने बोला कि पतंजलि ने मध्यप्रदेश में अपनी कई यूनिट्स लगाई हैं और उनका उद्देश्य प्रदेश के लोगों को रोजगार के अवसर प्रदान करना है.

इस समिट में दिए गए घोषणाओं से यह साफ है कि मध्यप्रदेश में उद्योगों का कदम तेज़ी से बढ़ रहा है. अडानी ग्रुप के निवेश के साथ-साथ अन्य कंपनियों के योगदान से राज्य की आर्थिक प्रगति में और भी तेजी आएगी. इन निवेशों के परिणामस्वरूप प्रदेश में नए उद्योग, रोजगार के अवसर और समग्र विकास की दिशा में जरूरी कदम उठाए जाएंगे, जो मध्यप्रदेश को एक औद्योगिक हब बना सकते हैं.

मध्यप्रदेश की गवर्नमेंट द्वारा उद्योगपतियों को दिए गए योगदान और मार्गदर्शन के कारण राज्य में निवेश की संभावनाएं लगातार बढ़ रही हैं. यह समिट निश्चित रूप से मध्यप्रदेश को एक प्रमुख निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में जरूरी कदम साबित हो सकती है.

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