Ground Report: बेहद खस्ता है भोपाल पुलिस बूथ की हालत, जगह-जगह दिखीं छिपकलियां…
MP Police: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में एमपी पुलिस के मुखिया डीजीपी कैलाश मकवाना ने वरिष्ठ ऑफिसरों के साथ 24 जून, 2025 को हुई हाई लेवल रिव्यू मीटिंग में फील्ड पुलिसिंग पर खूब बल दिया है। इसका मतलब ऐसी पुलिसिंग जहां पुलिस जनता के बीच रहकर काम करे लेकिन भोपाल में कई पुलिस सहायता केंद्रों के हालात देखकर ऐसा लगता है कि ऑफिसरों ने आदेश को अनसुना कर दिया है।

राजधानी भोपाल के हिंदुस्तान माता चौराहा और एमपी नगर के ज्योति टॉकीज पर बने पुलिस सहायता केंद्रों की जर्जर हालत और धूल फंक रहे ये बूथ डीजीपी कैलाश मकवाना के आदेश और ऑफिसरों का आदेशों के पालन की पुरी तस्वीर साफ कर देते हैं। अब देखिए बंद पड़े पुलिस बूथ का आंखों देखा हाल।
देश की क्लिनेस्ट कैपिटल भोपाल में जब News 18 डिजिटल की टीम टीटी नगर के हिंदुस्तान माता चौराहे स्थित पुलिस सहायता केंद्र पर सहायता मांगने पहुंची तो जो हमें मंजर दिखा वो दंग और परेशान करने वाला था। टीटी नगर पुलिस स्टेशन के इस पुलिस सहायता केंद्र में चारों तरफ गंदगी का विशाल आलम था। जिसे देखकर पहली नजर में तो लगा ही नहीं कि आप राष्ट्र की सबसे साफ राजधानी में है। दूसरी तरफ यहां पुलिस का नाम पर बस पोस्टर में दर्ज था।
पुलिस बूथ में सहायता के नाम पर बस छिपकलियां
भोपाल में लगभग 50 से अधिक पुलिस सहायता केंद्र उपस्थित हैं, जिनमें से अधिकांश पुलिस बूथ भगवान भरोसे पड़े हैं और इन इलाकों में ट्रैफिक से लेकर सब कुछ भी भगवान कृपा से ही चलता दिख रहा है। हिंदुस्तान माता चौराहे से एक रास्ता मैनिट तो दूसरा न्यू बाजार की ओर जाता है। जहां विशाल ट्रैफिक लगता है। इसके बावजूद यहां के नर्क जैसे पुलिस बूथ का गेट खुला पड़ा था। इतना ही नही अंदर तो हालत और भी बदतर थे। जहां ऊपर की छत कभी भी नीचे गिरने को बेताब थी तो वहीं दूसरी तरफ इस बूथ पर पुलिस की स्थान छिपकलियों ने ले रखी थी।
राजधानी भोपाल में 14 अगस्त को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने डायल 112 सेवा को हरी झंडी दिखाई थी। तब उन्होंने बोला था कि, इससे जनता को और बेहतर सहायता मिलेगी। लेकिन एमपी की राजधानी में अपराधियों का खौफ बढ़ रहा है। बीते ही कुछ दिनों में इंदौर से भोपाल घूमने आए एक लॉ स्टूडेंट को दिन दहाड़े अयोध्या बायपास में चाकू से मार डाला था। इसके अतिरिक्त टेलीफोन और पर्स छीनने की घटनाएं भी राजधानी में तेजी से बढ़ी है। इतना ही नही नशे से जुड़े अपराधों में भी उछाल देखने को मिला है।

