राष्ट्रीय

Gurugram: पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी करने वाले एक कॉल सेंटर का किया भंडाफोड़

गुरुग्राम न्यूज डेस्क.. पुलिस ने औनलाइन हर्बल दवाएं बेचने के नाम पर साइबर फर्जीवाड़ा करने वाले एक कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने चार लड़कियों समेत 11 साइबर ठगों को अरैस्ट किया है आरोपी ने पैसे लेने के बाद भी दवा नहीं भेजी. कॉल सेंटर संचालक ने युवक-युवतियों को 15 हजार रुपये वेतन पर काम पर रखा था.

एसीपी विपिन अहलावत ने कहा कि साइबर पुलिस स्टेशन के पूर्व प्रभारी सवित कुमार की पुलिस टीम ने तकनीकी सहायता से गुरुवार को सेक्टर-18 में गैरकानूनी रूप से चल रहे कॉल सेंटर पर छापा मारा. जिसमें औनलाइन हर्बल दवाइयां बेचने के नाम पर लोगों से ठगी की गई आरोपियों से पुलिस पूछताछ में पता चला कि वे गूगल पर हर्बल दवाइयां बेचने का विज्ञापन दे रहे थे जब लोगों ने विज्ञापन में दिए गए नंबरों पर संपर्क किया तो उन्होंने उनसे ऑर्डर लेकर भिन्न-भिन्न बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर कर लिए और सामान नहीं भेजा. इसके अतिरिक्त आरोपी GST चार्ज, पैकिंग चार्ज, कूरियर चार्ज के नाम पर क्यूआर कोड/यूपीआई आईडी के जरिए पैसे जमा कराने को कहकर ठगी करते थे.

21 11 2023 gurugram fake call center 23586097 m 11zon

WhatsApp Group Join Now

आरोपी भिन्न-भिन्न शहरों के रहने वाले हैं
पुलिस टीम ने कॉल सेंटर से चार लड़कियों समेत कुल 11 आरोपियों को अरैस्ट किया है आरोपियों की पहचान मुरैना एमपी श्याम दुबे, वसंत विहार दिल्ली निवासी आदर्श कुमार सिंह, खेड़ला गुरुग्राम निवासी कुशल रोहिल्ला, बदांयू उत्तर प्रदेश निवासी पीयूष चौहान, एनआईटी फरीदाबाद निवासी विवेक चोपड़ा, गोपालगंज बिहार निवासी गुलशन कुमार, दिल्ली गांव डेरा निवासी के रूप में हुई है. निवासी राजकुमार, जयपुर राजस्थान निवासी पूजा चौहान, भिवानी निवासी भावना, ग्वालियर एमपी निवासी अनामिका राजावत और देव अपार्टमेंट महिपालपुर दिल्ली निवासी प्रिया शर्मा. पुलिस टीम ने आरोपी के विरुद्ध पुलिस स्टेशन में साइबर अपराध और फर्जीवाड़ा समेत विभिन्न धाराओं के अनुसार मुद्दा दर्ज कर लिया है

कॉल सेंटर मैनेजर फरार:
पुलिस के अनुसार पूजा चौहान एक कॉल सेंटर में सीएमडी के पद पर कार्यरत थी कॉल सेंटर का मालिक राज शेखावत है आरोपियों के कहने पर अन्य लोग भी हर्बल दवाइयां औनलाइन बेचने के नाम पर ठगी कर रहे थे. राज शेखावत फरार है वहीं, राजकुमार कॉल सेंटर का सिक्योरिटी मैनेजर था और आरोपी कॉल सेंटर में काम करने के लिए लड़के-लड़कियों का चयन करता था कॉल सेंटर के कर्मचारियों को पहले से तैयार स्क्रिप्ट दी गई थी आरोपियों के पास से बरामद मोबाइल टेलीफोन की जांच से पता चला कि औनलाइन फर्जीवाड़ा के संबंध में राजस्थान में एक मुद्दा दर्ज किया गया था.

15 हजार सैलरी और ठगी गई धनराशि में पांच प्रतिशत हिस्सा:
आरोपी पिछले एक वर्ष से ठगी की घटना को अंजाम दे रहे थे. इसके लिए आरोपी को 15,000 रुपये मासिक वेतन के साथ ठगी गई धनराशि का पांच फीसदी मिलता था. आरोपियों के पास से सात मोबाइल फोन, सिम कार्ड और दो सीपीयू भी बरामद किए गए हैं, जिनका इस्तेमाल फर्जीवाड़ा के लिए किया जाता था.

Back to top button