राष्ट्रीय

आसाराम बापू के अस्थायी जमानत मामले पर हुई सुनवाई

गुजरात उच्च न्यायालय में शुक्रवार को एक बार फिर बहुचर्चित आसाराम बापू के अस्थायी जमानत मुद्दे पर सुनवाई हुई, जिसमें न्यायालय ने आसाराम की अंतरिम जमानत की अवधि 7 जुलाई तक बढ़ा दी है. उल्लेखनीय है कि 2013 के बलात्कार मुकदमा में गुनेहगार करार दिए जा चुके 86 वर्षीय आसाराम उम्रक

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कोर्ट में क्या-क्या हुआ?

आसाराम के वकील ने न्यायालय में बोला कि NALSA (नेशनल लीगल सर्विसेज अथॉरिटी) से प्रमाण पत्र मिलना बाकी है, जिसमें उनकी उम्र 70 वर्ष से ऊपर और टर्मिनल रोग की पुष्टि है. वकील ने यह भी बोला कि पिछली बार जमानत आदेश के बाद उन्हें जमानत की प्रक्रिया में 10 दिन और लग गए, इसलिए असल में उन्हें कम समय मिला.

विरोधी पक्ष के वकील ने प्रश्न उठाया कि आसाराम उपचार के नाम पर एक हॉस्पिटल से दूसरे हॉस्पिटल जा रहे हैं, जिससे यह शक होता है कि वे किसी भी तरह कारावास से बाहर रहना चाहते हैं. उन्होंने सुझाव दिया कि जोधपुर में भी बेहतरीन आयुर्वेदिक हॉस्पिटल और एम्स उपस्थित हैं, जहां उपचार संभव है.

कोर्ट की टिप्पणी: अस्थायी जमानत बढ़ाना अंतहीन प्रक्रिया न बने

कोर्ट ने मौखिक रूप से बोला कि उच्चतम न्यायालय ने हाल ही में यह साफ किया है कि अस्थायी जमानत को बार-बार बढ़ाना एक अंतहीन प्रक्रिया बन जाती है, जिसे रोका जाना चाहिए. न्यायालय ने संकेत दिया कि अगली सुनवाई में निर्णय हो सकता है.

मेडिकल ग्राउंड या कानूनी पेचीदगी?

आसाराम बापू की कानूनी टीम लगातार उनकी उम्र, गंभीर रोंगों और डॉक्टरों द्वारा सुझाए गए 90 दिन के पंचकर्म थेरेपी का हवाला देकर जमानत बढ़ाने की मांग कर रही है. उच्चतम न्यायालय ने भी जनवरी 2025 में मेडिकल आधार पर उन्हें अंतरिम जमानत दी थी, लेकिन साथ ही यह शर्त भी रखी थी कि वे अपने अनुयायियों से सार्वजनिक रूप से नहीं मिल सकेंगे और पुलिस की नज़र रहेगी.

गुजरात के बाद राजस्थान उच्च न्यायालय में याचिका?

2013 के बलात्कार मुकदमा में आसाराम को गांधीनगर की सेशंस न्यायालय ने गुनेहगार करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी. इसके अलावा, आसाराम जोधपुर के एक और बलात्कार मुकदमा में भी उम्रकैद की सजा काट रहा है. उसे कई धाराओं के अनुसार उन्हें गुनेहगार पाया गया, जिनमें रेप, अप्राकृतिक कृत्य, गलत ढंग से बंधक बनाना, धमकी देना और स्त्री की मर्यादा भंग करने का कोशिश शामिल है.

बरसों बाद पिता से मिला नारायण साईं

इसी बीच, पिछले दिनों आसाराम के बेटे नारायण साईं ने भी अपने पिता से मिलने की ख़्वाहिश जताते हुए गुजरात की न्यायालय में याचिका दाखिल कर अनुमति मांगी थी. इस पर वहां की न्यायालय ने नारायण साईं को 5 दिन की अंतरिम जमानत स्वीकार करते हुए उसी के खर्च पर पुलिस गार्ड भी साथ रखने के आदेश दिए थे. पुलिस गार्ड के लिए तय राशि जमा होने के बाद नारायण साईं की तरफ से यह राशि जमा करवाई गई. तब, उसे गार्ड उपलब्ध कराई गई और गुरुवार अलसुबह वह सूरत से जोधपुर के पाल गांव स्थित आसाराम आश्रम पहुंचा. यहां दोपहर में उसने अपने पिता से काफी देर तक वार्ता की.

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