आईआईएम संबलपुर ने आयोजित किया सीईओ इमर्शन प्रोग्राम, जानें इसके पीछे का उद्देश्य

अपने स्वागत भाषण में आईआईएम संबलपुर के निदेशक प्रो। महादेव जायसवाल ने कहा, ‘हमारा परिसर आधुनिक बुनियादी ढांचे को भारतीय संस्कृतियों के साथ जोड़ता है, जैसा कि इसकी वास्तुकला, कला और सांस्कृतिक तत्वों में देखा जा सकता है. हमने डिजिटलाइजेशन और ग्रीन टेक्नोलॉजीज जैसे ब्लॉकचेन के लिए परिवर्तन लाने वाले तरीकों को पेश किया है. ये तकनीकें उद्योगों में व्यापार प्रक्रियाओं को एकजुट करने में सहायता करेंगी, जिससे क्रांतिकारी परिवर्तन होंगे. इस परिवर्तन के लिए नयी तरह के परामर्श कौशल की आवश्यकता होगी और एमबीए स्नातक इस परिवर्तन को नेतृत्व देने में जरूरी किरदार निभाएंगे.‘
प्रो। महादेव जायसवाल ने कहा, ‘जब दुनिया पर्यावरणीय दृष्टिकोण से बेहतर प्रथाओं की ओर बढ़ेगी तो तेल, गैस, कोयला और ऑटोमोटिव विनिर्माण जैसे उद्योगों में बड़े परिवर्तन होंगे. इन बदलावों से ठीक कौशल से लैस नेताओं के लिए नए मौके और चुनौतियां दोनों आएंगी. आईआईएम संबलपुर जैसे संस्थान इन बदलावों का नेतृत्व करेंगे. हमारा लक्ष्य वैश्विक संगठनों और उद्योगों को सहायता देने के लिए एक मजबूत ज्ञान का आधार तैयार करने को बढ़ावा देना है. इसके लिए, हम एक एआई-आधारित लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम से समझौता—ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने जा रहे हैं, जो हमारे शिक्षकों और विद्यार्थियों को वैश्विक मंच पर मुकदमा स्टडी और लेख साझा करने का मौका देगा, जैसा कि हार्वर्ड बिजनेस मुकदमा में होता है.‘
मुख्य मेहमान डाक्टर बिस्वजीत महापात्रा, हैड ऑफ कस्टमर सोल्यूशंस-सीआईओ सलाहकार – अमेजन वेब सर्विसेज ने कहा, ‘डिजिटल बदलाव का मतलब है कि हम तेजी से बदलती और आपस में जुड़ी हुई दुनिया में कैसे सोचते हैं और काम करते हैं. नए व्यापार मॉडल और काम करने के नए ढंग उभर रहे हैं, जो तकनीक और विशेषज्ञता के विकास से संभव हो रहे हैं. यह परिवर्तन सिर्फ़ एआई को सिस्टम में जोड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि एआई के आधार पर हर व्यावसायिक फैसला लेना है, जिससे नवाचार और बेहतर ढंग से काम करना संभव होगा. पहले विशेषज्ञता सिर्फ़ एक सीमित क्षेत्र में होती थी, अब यह कई क्षेत्रों में गहरे ज्ञान और व्यापक समझ का मिश्रण है. इस परिवर्तन में योगदान और प्रतिस्पर्धा दोनों की किरदार है. क्लाउड, ब्लॉकचेन, आईओटी और स्मार्ट वर्कफ्लो जैसी तकनीकें इस बदलाव का आधार बन रही हैं और इसमें डेटा की किरदार प्राणवायु की तरह बहुत जरूरी है, क्योंकि यह इस परिवर्तन को प्रेरित करता है.‘
कार्यक्रम के दौरान आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों से संबंधित कृतिका कृष्ण पांचाल, सपना रानी, पल्लवी लता, गुनिका कौर और मनजोत कौर सहित चयनित मेधावी एमबीए छात्राओं को उनकी शैक्षणिक उत्कृष्टता के सम्मान में एक लाख रुपए की छात्रवृत्ति प्रदान की गई. यह पुरस्कार दिल्ली की श्रीमती शारदा गुप्ता द्वारा दिया गया, जो आईआईएम संबलपुर दिल्ली कैंपस में एमबीए फॉर वर्किंग प्रोफेशनल्स विद्यार्थी डाक्टर गिरीश मोहन गुप्ता की पत्नी हैं.
कार्यक्रम में प्रियदर्शी नानू पैनी, सीईओ, सीएसएम टेक्नोलॉजी; नीलेश बिनीवाले, जनरल मैनेजर, पैटर्न इंडिया; मानस बरपांडा, नेशनल हेड, ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज लिमिटेड; पद्मनाभन एस।, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट, एमएसएन लैबोरेट्रीज़; गुलशन तिवारी, जॉइंट प्रेसिडेंट और प्लांट हेड, हिंडालको, झारसुगुड़ा; डाक्टर देबाशीष गुहा, रिसर्च हेड, टीसीएस इनोवेशन पार्क, आईआईटी खड़गपुर; अपर्णा चेतन, सीएचआरओ, टोरी हैरिस बिजनेस सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड; घनश्याम परिडा, प्रेसिडेंट और सीईओ, पावर वर्टिकल, वेलस्पन कॉर्प; अभिषेक कुमार वर्मा, फाउंडर और सीईओ, इंडियानो पेल्लेटरिया; डाक्टर अंग्शुमान घोष, सीईओ, एमईएनआरवी एआई; जय प्रकाश सिंह, सीएचआरओ, जेएसडब्ल्यू स्टील; अक्षय रक्षित, एचआरबीपी, बीएमडब्ल्यू ग्रुप इंडिया; मनीष पांडे, सीनियर डायरेक्टर इन्फोसिस और इन्फोसिस फाउंडेशन भुवनेश्वर के हेड; दामोदर मित्तल, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड; देबाशीष मलिक, प्रेसिडेंट, हिंडालको – हीराकुड़ और राजेश सिंह, सीनियर वीपी एचआर और आईआर, ट्रिल क्रोसाकी रिफ्रेक्टरीज लिमिटेड ने हिस्सा लिया.
कार्यक्रम की आरंभ एमबीए फॉर वर्किंग प्रोफेशनल्स, दिल्ली कैंपस चेयरपर्सन प्रोफेसर पूनम कुमार ने स्वागत संबोधन से की जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रोफेसर राहुल सिंधवानी आईआईएम संबलपुर ने दिया.

