पंजाब में सरकारी जमीनों से साफ किए जाएंगे अवैध अतिक्रमण, कानून की भी ली जाएगी मदद
पंजाब में सरकारी जमीन, जहां पर भी रसूखदार लोगों ने कब्जा कर रखा है, उनसे सारी जमीन छुड़वाई जाएगी. इसके लिए यदि गवर्नमेंट को न्यायालय में जाना पड़ा, तो गवर्नमेंट न्यायालय भी जाएगी. काफी पंचायती जमीन को पहले ही गवर्नमेंट कब्जा मुक्त करवा चुकी है.

यह दावा आज पंजाब के कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंध ने चंडीगढ़ में प्रेस कांफ्रेंस में किया. इस दौरान तालाबों की सफाई के लिए प्रारम्भ किए प्रोजेक्ट पर जानकारी दे रहे थे. उन्होंने विपक्षी दलों को घेरते हुए बोला कि विरोधी दल हमेशा गवर्नमेंट की योजनाओं पर तंज कसते थे. उन्होंने लोगों से बोला कि इन विरोधी पार्टियों से जरूर पूछें कि जब आपके हाथों में ताकत थी, आपकी सरकारें थीं, तो आपने इनका ध्यान क्यों नहीं लिया.
तालाबों का पानी सिंचाई में प्रयोग होगा
सोंध ने बोला कि राष्ट्र में पहली बार गवर्नमेंट ने 15,000 तालाबों को साफ करने का प्रोग्राम रखा है. उन्होंने बोला कि करीब 25 से 30 वर्ष में किसी ने इसकी सुध नहीं ली. अकाली-भाजपा और कांग्रेस पार्टी की सरकारें लोगों ने देख लीं, लेकिन किसी ने इस दिशा में काम नहीं किया. उन्होंने बोला कि गांवों के तालाब कुदरती रूप से बने हुए हैं. उन्होंने बोला कि इन तालाबों का सौंदर्यीकरण किया जाएगा और वहां सोलर पंप लगाए जाएंगे. इस पानी का प्रयोग सिंचाई के लिए किया जाएगा. 1,500 तालाबों पर प्रोजेक्ट प्रारम्भ हो गया है.
तीन मॉडलों पर किया जाएगा काम
तालाबों की सफाई के लिए तीन मॉडलों पर काम किया जा रहा है. इसमें संत सीचेवाल मॉडल, पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड और थापर मॉडल प्रयोग किए जाएंगे. आशा है कि इससे लोगों को लाभ होगा. हालांकि सीचेवाल मॉडल को लेकर इस बार पंजाब विधानसभा के बजट सेशन में काफी टकराव हुआ था. इसके बाद कांग्रेस पार्टी के सीएलपी नेता प्रताप सिंह बाजवा के विरुद्ध निंदा प्रस्ताव पास किया गया है.

