असम से धरे गए अवैध घुसपैठिए
असम में घुसपैठियों के विरुद्ध एक और कार्रवाई हुई है. करीमगंज जिले में एक गैरकानूनी घुसपैठियों में से एक मोहम्मद आरिफ को वहां की पुलिस ने पकड़ लिया है. सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने स्वयं इसकी जानकारी दी है. सरमा ने एक्स पर लिखा, “करीमगंज जिले में एक गैरकानूनी घुसपैठियों के एक सफल पुशबैक में, एक बांग्लादेशी राष्ट्रीय, मोहम्मद आरिफ, को पकड़ लिया गया था और असम पुलिस द्वारा सीमा पार भेजा गया था. हमारे कर्मी पूरी तरह से भारत-बांग्लादेश सीमा में इस तरह के घुसपैठ के प्रयासों को विफल करने के लिए पूरी तरह से सावधान हैं.”

इससे पहले सितंबर के अंतिम हफ्ते में सुरक्षाबलों ने तीन बांग्लादेशियों की असम के रास्ते हिंदुस्तान में घुसपैठ करने की प्रयास असफल कर दी थी. उस समय भी मुख्यमंत्री सरमा ने ही यह जानकारी दी थी. शर्मा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी पोस्ट में कहा था कि बीएसएफ (बीएसएफ) और असम पुलिस ने सतर्कता का परिचय देते हुए सोमवार को अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर दो स्त्रियों सहित तीन ‘अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों’ को हिंदुस्तान में दाखिल होने से रोक दिया. उन्होंने कहा था कि तीनों बांग्लादेशियों की पहचान अनवर हुसैन, नशरीन शेख और बबली शेख के तौर पर की गई है.
शर्मा ने हालांकि यह नहीं कहा था कि घुसपैठ की इस प्रयास को किस जगह पर या किस सेक्टर में असफल किया गया.
असम के करीमगंज, कछार, धुबरी और दक्षिण सलमारा-मनकाचर जिले बांग्लादेश के साथ 267.5 किलोमीटर लंबी अंतर्राष्ट्रीय सीमा साझा करते हैं. करीमगंज के सुतारकांडी में एक एकीकृत जांच चौकी (आईसीपी) है. पूर्वोत्तर में कुल तीन आईसीपी हैं जिनमें से अन्य दो मेघालय के डावकी और त्रिपुरा के अखौरा में स्थित है.
असम के पुलिस महानिदेशक जी पी सिंह ने इससे पहले बोला था कि राज्य पुलिस और सीमा सुरक्षा बल कानून के अनुसार बांग्लादेश से किसी भी गैर भारतीय के प्रवेश को रोकने के लिए हर संभव कदम उठा रहे हैं. उन्होंने कहा, लेकिन भारतीय पासपोर्ट धारकों को संकट ग्रस्त बांग्लादेश से राज्य के प्रवेश मार्ग के जरिये स्वदेश आने की अनुमति दी जाएगी.

