बिहार में पीएम मोदी ने विपक्ष पर किए ताबड़ तोड़ जबानी हमले
बिहार चुवान की बिगुल इस समय बजता हुआ सुनाई दे रहा है. इस बार मामला बनाया जा रहा है गंगा नहीं की सफाई को लेकर. अभी बिहार में प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने रैली करके जहां विपक्ष पर ताबड़ तोड़ जबानी हमले किए है वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी से भी केंद्र गवर्नमेंट और नीतिश कुमार पर धावा किया है. कांग्रेस पार्टी ने शुक्रवार को दावा किया कि केंद्र और बिहार गवर्नमेंट ने राज्य में गंगा नदी की हालत ऐसी कर दी है कि उसका पानी न तो पीने योग्य है और न ही नहाने योग्य.

बिहार में सासाराम सीट से पार्टी सांसद मनोज कुमार ने यह भी बोला कि ‘नमामि गंगे’ योजना के अनुसार गंगा नदी का पानी शुद्द करने के जो भी वादे किए गए थे, वे ‘झूठे’ निकले.
कुमार ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘नरेन्द्र मोदी और नीतीश कुमार ने न तो-बाढ़ नियंत्रण की ओर कदम बढ़ाया और न ही गंगा का पानी पीने योग्य बनाया. यहां तक कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने बिहार गवर्नमेंट पर 50 हजार रुपए का जुर्माना तक लगाया.’’
उन्होंने कहा, ‘‘आज पीएम मोदी बिहार में थे. वह भ्रमण का कार्यक्रम बनाकर, भ्रामक घोषणाओं की झड़ी लगाते हैं, लेकिन आज हम एक चौंकाने वाला खुलासा करने जा रहे हैं.’’
कुमार ने दावा किया, ‘‘बिहार में जद (यू) और बीजेपी गवर्नमेंट ‘नमामि गंगे’ योजना लाई थी, जिसमें उन्होंने वादा किया था कि हम गंगा जी के पानी को शुद्ध करेंगे और हिंदुस्तान के लोगों को साफ पानी देंगे. लेकिन उन्होंने मां गंगा से झूठे वादे किए.’’
उन्होंने बोला कि एक रिपोर्ट के अनुसार, बिहार में गंगा और उसकी सहयोगी नदियों के लिए बनाए गए 13 अवजल शोधन संयंत्रों (एसटीपी) में केवल सात काम कर रहे हैं.
कुमार ने बोला कि ‘एफसी बैक्टेरिया’ की मात्रा आधिक होने के कारण एनजीटी ने बोला है कि यह पानी पीने लायक तो छोड़िए, नहाने लायक भी नहीं है
उनका बोलना था, ‘‘गंगा जी को हम पवित्र मानते हैं. हमारा विश्वास रहा है कि यदि हम इस पानी को पीते हैं तो कई बीमारियां समाप्त हो जाती हैं, इसमें नहाने से हमारे पाप धुल जाते हैं.’’
कुमार ने इल्जाम लगाया कि गवर्नमेंट ने गंगा नदी की ऐसी हालत कर दी कि उसका पानी न तो पीने योग्य है और न ही नहाने योग्य.

