केरल में चोर ने रुपयों -पैसों को छोड़कर इस चीज पर साफ किया हाथ, सुनकर रह जाएंगे दंग
कोच्चि (केरल) से एक दंग कर देने वाली समाचार सामने आई है. यहां एक चोर ने किसी गहनों या पैसों पर नहीं, बल्कि नारियल ऑयल पर हाथ साफ किया है. ये सुनने में भले ही अजीब लगे, लेकिन इस चोरी के पीछे की वजह जानकर आप भी चौंक जाएंगे. दरअसल, केरल में इन दिनों नारियल ऑयल की कीमतें इतनी बढ़ गई हैं कि लोग अब इसे भी ‘कीमती सामान’ समझने लगे हैं.

इस अजीबोगरीब चोरी ने 2007 की उस बड़ी चोरी की याद दिला दिया है, जब चोरों ने बैंक की फर्श तोड़कर 80 किलो सोना चुरा लिया था. इसमें फर्क बस इतना है कि इस बार निशाना बैंक नहीं बल्कि एक छोटी सी किराने की दुकान थी. और चुराया गया सोना नहीं, बल्कि 30 लीटर नारियल ऑयल है.
इसलिए पैसे नहीं ऑयल चुराया!
केरल में इस महीने ओणम त्योहार मनाया जाएगा. इसे राज्य का सबसे बड़ा त्यौहार है. त्योहार के मौसम में खाने-पीने की चीजों की मांग अचानक बहुत बढ़ जाती है. इसी वजह से नारियल ऑयल की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है. कुछ हफ्तों पहले नारियल ऑयल ₹260 प्रति लीटर बिकता था, वही अब ये ₹500 से ऊपर पहुंच गया है.
कुछ खास ब्रांड का वर्जिन नारियल ऑयल तो ₹600 प्रति लीटर तक बिक रहा है. यही वजह है कि दुकानदार अब इस ऑयल को ऐसे संभालकर रख रहे हैं जैसे कोई कीमती चीज हो.
दुकानदार को सुबह दुकान खुली मिली, लेकिन ऑयल गायब था
चोरी एर्नाकुलम जिले के अलुवा क्षेत्र की है. यहां अयूब पुथनपुरयिल नाम के दुकानदार रोज की तरह जब सुबह अपनी दुकान पर पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि दुकान पूरी तरह बिखरी हुई है. उन्हें लगा कि शायद कैश चोरी हुआ होगा, लेकिन आश्चर्य की बात यह थी कि रजिस्टर में रखे ₹5,000 और दान पेटी को चोर ने हाथ तक नहीं लगाया था.
चोरी केवल नारियल ऑयल की हुई थी. दुकान से कुल 31 बोतल वर्जिन नारियल ऑयल गायब था. हर बोतल की मूल्य ₹600 थी. यानी करीब ₹18,000 का ऑयल चुरा लिया गया. इसके अतिरिक्त कुछ तिल का तेल, सेब और दूध के पैकेट भी चोरी हुए हैं.
चोर ने ‘फर्श के नीचे से’ घुसने की प्रयास की…
इस चोरी का तरीका भी काफी दिलचस्प था. चोर ने पहले दुकान के पीछे की मिट्टी खोदनी प्रारम्भ की. उसका इरादा शायद दुकान में नीचे से घुसने का था, जैसे मलप्पुरम की प्रसिद्ध गोल्ड चोरी में हुआ था. लेकिन इस बार दुकान मालिक ने पहले से ही वहां चूहों को रोकने के लिए एक प्लाईवुड शीट लगा रखी थी. इसी वजह से चोर उस रास्ते से अंदर नहीं घुस सका.
इसके बाद उसने दुकान के पीछे एक संकरे दरवाजे से अंदर घुसने का रास्ता बनाया. इस दरवाजे से अधिक सामान निकालना कठिन था, इसलिए वह केवल उतना ही ले गया जितना उठा सकता था.
दुकान में काफी समय तक रुका रहा चोर
दुकान के अंदर दही के पैकेट खुले पड़े थे, जिनमें से कुछ खाए भी गए थे. पानी की बोतलें खाली कर दी गई थीं और फर्श पर फेंकी हुई थीं. इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि चोर ने चोरी के दौरान भूख-प्यास मिटाई और आराम से काम किया. दुकान तीन तरफ से बंद थी और एक तरफ सड़क से दिखाई भी नहीं देती थी, जिससे चोर को बाहर से कोई देख नहीं पाया.

