राष्ट्रीय

दो दिवसीय ओरिएंटेशन प्रोग्राम में आतिशी ने सभी विधायकों को उनकी जिम्मेदारी का कराया अहसास

नई दिल्ली, 18 मार्च . दिल्ली विधानसभा में मंगलवार को नव-निर्वाचित विधायकों के लिए आयोजित दो दिवसीय ओरिएंटेशन प्रोग्राम में आम आदमी पार्टी की वरिष्ठ नेता और नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने सभी विधायकों को उनकी जिम्मेदारी का अहसास कराया.Download 11zon 2025 03 18t121611. 265

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आतिशी ने अपने संबोधन में बोला कि जनता ने हम सभी विधायकों पर भरोसा जताया है और हमें अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा से निभानी होगी. उन्होंने कहा, हमें यह याद रखना चाहिए कि सदन में जो भी बोला जाएगा, वह केवल आज के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी दर्ज होगा.

आतिशी ने हिंदुस्तान के स्वतंत्रता संग्राम और संविधान निर्माण की प्रक्रिया को याद करते हुए बोला कि अंग्रेजों ने हिंदुस्तानियों को वोट का अधिकार तो दिया था, लेकिन फैसला लेने की शक्ति नहीं थी. उन्होंने कहा, हमारी आजादी लाखों लोगों की कुर्बानियों का रिज़ल्ट है. डाक्टर भीमराव अंबेडकर के संविधान ने हमें न सिर्फ़ वोट देने का अधिकार दिया, बल्कि फैसला लेने की ताकत भी दी.

उन्होंने इस दौरान लाला लाजपत राय, पंडित मदन मोहन मालवीय, मोतीलाल नेहरू और विट्ठल भाई पटेल जैसी महान शख़्सियतों का भी जिक्र किया, जो कभी इसी सदन में बैठकर हिंदुस्तान की आजादी की लड़ाई लड़ रहे थे. सदन में विधायकों की किरदार पर बल देते हुए आतिशी ने बोला कि हर विधायक केवल अपनी पार्टी का नहीं, बल्कि लाखों दिल्लीवासियों का अगुवाई करता है.

उन्होंने कहा, दिल्ली की जनता हम 70 विधायकों की ओर आशा भरी निगाहों से देख रही है. हमें पार्टी की सीमाओं से ऊपर उठकर जनहित के निर्णय लेने होंगे.

उन्होंने यह भी बोला कि हिंदुस्तान उन शुरुआती राष्ट्रों में से एक था, जिसने स्त्रियों को वोट देने का अधिकार दिया, जबकि कई विकसित राष्ट्र तब भी इससे वंचित थे. उन्होंने कहा, बाबासाहेब अंबेडकर के बनाए संविधान ने हमें वह शक्ति दी, जिससे आज हम यहां बैठकर जनता के लिए निर्णय ले सकते हैं.

अपने संबोधन के अंत में आतिशी ने सभी विधायकों से अपील की कि वे अगले पांच सालों में जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए पूरी ईमानदारी और मेहनत से काम करें. उन्होंने कहा, यह केवल एक गरिमा और गर्व की बात नहीं, बल्कि एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है, जिसे हमें पूरी ईमानदारी से निभाना होगा.

विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता और लोकसभा के सेक्रेटरी जनरल उत्पल कुमार सिंह ने भी इस मौके पर विधायकों को उनके कर्तव्यों की याद दिलाई और विधानसभा के इतिहास पर प्रकाश डाला.

 

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