भारत ने कनाडा के आरोपों को पूरी तरह से किया खारिज
India-Canada Relations: भारत-कनाडा संबंध पिछले कुछ समय से तनावपूर्ण चल रहे हैं. कनाडा में खालिस्तानी गतिविधियों के लगातार जारी रहना इसका कारण हैं. हालांकि सोमवार को दोनों राष्ट्रों के बीच संबंध सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए जब कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो ने बोला कि हिंदुस्तान गवर्नमेंट का कनाडा में एक खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की मर्डर से संबंध हो सकता है. वहीं दूसरी तरफ हिंदुस्तान ने कनाडा के आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है. इस बीच कनाडा गवर्नमेंट एक भारतीय राजनियक को निष्कासित कर दिया जिसके उत्तर में हिंदुस्तान ने एक कनाडाई राजनयिक को राष्ट्र छोड़ने के लिए कह दिया.
कनाडा में सिखों की जनसंख्या 7,70,000 से अधिक है. यह आंकड़ा राष्ट्र की कुल जनसंख्या का दो फीसदी है. लेकिन वह कनाडा के सियासी और सामाजिक जीवन में बहुत महत्व रखते हैं. कनाडा में खालिस्तान आंदोलन लगातार मजबूत हो रहा है और ट्रुडो गवर्नमेंट उस पर लगाम लगाने की प्रयास करती भी नहीं दिख रही. साफ जाहिर है कि खालिस्तान आंदोलन को ट्रुडो गवर्नमेंट पूरा समर्थन प्राप्त है.
जॉडी थॉमस दे रही खालिस्तानी आंदोलन को हवा
जस्टिन ट्रूडो ने 2015 में अपनी पहली गवर्नमेंट बनाई थी तो तत्कालीन राष्ट्रीय सुरक्षा उप मंत्री जोडी थॉमस को खालिस्तानी आंदोलन को हवा देने का काम सौंपा.
गौरतलब है कि ट्रुडो की पहली गवर्नमेंट में चार सिख मंत्री शामिल थे. तब उन्होंने बोला था कि उनकी कैबिनेट में जितने सिख शामिल हैं, उनने हिंदुस्तान की कैबिनेट में भी नहीं हैं.
जोडी थॉमस ने कनाडा भर में खालिस्तान आंदोलन को सुरक्षा प्रदान की. 2017 में उन्हें कनाडा का राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बना दिया गया. इसके बाद से जॉडी थॉमस लगातार हिंदुस्तान विरोधी रुख अपना रही हैं और खालिस्तानी आंदोलन को बढ़ावा दे रही हैं.
जोडी थॉमस ने जून 2023 में ही हिंदुस्तान पर कनाडा के मामलों में हस्तक्षेप करने का इल्जाम लगाया. उन्होंने एक सम्मेलन में बोला था कि जब मैं विदेशी हस्तक्षेप और आर्थिक सुरक्षा के बारे में बात करता हूं, तो अब मैं कई स्टेट एक्टर्स और नॉन स्टेट प्रॉक्सी के बारे में बात कर रही हूं. इसमें रूस, ईरान और हिंदुस्तान शामिल हैं.
जोडी थॉमस का रहा है विवादों से नाता
जोडी थॉ़मस का कई अन्य विवादों से भी नाता रहा है. उनके बेटे पर गैरकानूनी ढंग से बड़ा मिलिट्री कॉन्ट्रैक्ट दिलाने का इल्जाम लग चुका है. 2021 में जोडी ने 77 अरब $ की विवादित युद्धपोत प्रोजेक्ट पर प्रश्न उठाने को लेकर कनाडा के रक्षा उद्योग के ऑफिसरों को चेतावनी दी थी.
इसके अतिरिक्त चीन को लेकर एक बयान को लेकर भी वह कठिन में पड़ गई थी. दरअसल, कनाडा के चुनावों में चीनी हस्तक्षेप का खुलासा हुआ था. दावा किया गया कि चीन ने कनाडा में 2019 और 2021 के चुनावों में कई उम्मीदारों को पैसे दिए | इस मुद्दे की जांच के लिए ट्रुडो ने सभी दलों के सदस्यों को मिलाकर एक कमेटी बना दी. जब कमेटी ने जोडी थॉमस से पूछताछ की तो उन्होंने चुनावों में चीनी हस्तक्षेप से साफ इनकार कर दिया और बोला कि उनको याद नहीं उन्होंने पहले क्या बोला था.

