चांद पर Chandrayaan-3 को उतारकर भारत ने रचा इतिहास
इसरो के तीसरे मून मिशन चंद्रयान-3 ने बीती शाम चांद के दक्षिणी ध्रुव पर सफलतापूर्वक लैंडिंग करके इतिहास रच दिया। हिंदुस्तान चांद के दक्षिणी छोर पर पहुंचने वाला दुनिया का पहला राष्ट्र बन गया, जबकि चांद पर पहुंचने वाला दुनिया का चौथा देश। इससे पहले अमेरिका, चीन और सोवियत संघ चांद पर पहुंच चुके हैं। इसरो की कामयाबी से न केवल हिंदुस्तान के लोग खुश हैं, बल्कि पूरी दुनिया में प्रशंसा हो रही है। अनेक स्पेस एजेंसियां, विभिन्न राष्ट्रों के प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति आदि हिंदुस्तान की इस उपलब्धि पर शुभकामना दे रहे हैं। हिंदुस्तान के अधिक विरोध में रहने वाले पाक में भी चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग पर खुशियां भरा माहौल है। पाकिस्तानी मीडिया संस्थानों में भी चंद्रयान-3 की लैंडिंग को कवर किया गया। 
पाकिस्तानी मीडिया हाउस जियो न्यूज ने चंद्रयान से जुड़ी समाचार को प्रमुखता से प्रकाशित किया है। उसने शीर्षक लिखा है, ”भारत का चंद्रयान-3 आखिरकार चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतर गया।” इस समाचार में कहा गया है कि कैसे चंद्रयान-3 की दक्षिणी ध्रुव पर लैंडिंग हुई और दो सप्ताह तक यह चांद पर उससे जुड़ी अहम जानकारियां जुटाएगा। इसके अलावा, पाक के एक और प्रमुख मीडिया हाउस ‘डॉन’ ने भी प्रमुखता से चंद्रयान-3 की कामयाबी को स्थान दी है। उसने अपने शीर्षक में लिखा, ”भारत का स्पेसक्राफ्ट चंद्रयान-3 चांद पर सफलतापूर्वक लैंड हुआ।”
‘डॉन’ की समाचार में अंदर लिखा गया है, ”भारत बुधवार को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास यान उतारने वाला पहला राष्ट्र बन गया, जो दुनिया के सबसे अधिक जनसंख्या वाले राष्ट्र और उसके महत्वाकांक्षी कम मूल्य वाले अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए एक ऐतिहासिक जीत है। मानवरहित चंद्रयान-3 भारतीय समयानुसार शाम 6:04 बजे पर उतरा, और फिर मिशन नियंत्रण तकनीशियनों ने जमकर खुशी मनाई और अपने सहयोगियों को गले लगाया। यह लैंडिंग उसी क्षेत्र में एक रूसी यान के दुर्घटनाग्रस्त होने के कुछ दिनों बाद और पिछले भारतीय कोशिश के अंतिम क्षण में विफल होने के चार वर्ष बाद हुई है।” मालूम हो कि चार वर्ष पहले हिंदुस्तान का चंद्रयान-3 अंतिम समय पर चांद पर सॉफ्ट लैंडिंग नहीं कर सका था, लेकिन इस बार वैज्ञानिकों के अथक प्रयासों की बदौलत हिंदुस्तान को बड़ी कामयाबी हासिल हुई।
वहीं, द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने रायॅटर्स न्यूज एजेंसी के हवाले से समाचार को प्रकाशित किया है। उसने लिखा है, ”चंद्रयान-3 की चांद पर लैंडिंग हिंदुस्तान के लिए ऐतिहासिक पल है।” समाचार में लिखा गया, ”रूसी लैंडर के दुर्घटनाग्रस्त होने के कुछ ही दिनों बाद, चांद पर जानकारी जुटाने और हिंदुस्तान को एक अंतरिक्ष शक्ति के रूप में स्थापित करने के लिए जरूरी माने जाने वाले मिशन में एक भारतीय अंतरिक्ष यान बुधवार को चंद्रमा पर उतरा। अंतरिक्ष यान चंद्रयान-3 के चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने पर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के प्रमुख एस। सोमनाथ ने कहा, “भारत चंद्रमा पर है।” समाचार में जानकारी दी गई है कि चांद पर उतरने का हिंदुस्तान का यह दूसरा कोशिश था। वहीं, कुछ दिनों पहले रूस का लूना-25 चांद पर क्रैश हो गया था। देशभर में लोग टेलीविजन स्क्रीन से चिपके रहे और चंद्रयान-3 के लिए प्रार्थना करते रहे।”

