राष्ट्रीय

भारत ने पश्चिम एशिया में सुरक्षा स्थिति बिगड़ने पर गहरी चिंता जाहिर करते हुए कहा…

Cabinet Committee Meeting : पश्चिम एशिया में नए सिरे से पैदा हुए तनाव के बीच पीएम मोदी ने बृहस्पतिवार को सुरक्षा संबंधी कैबिनेट समिति की बैठक की अध्यक्षता की. पश्चिम एशिया में तनाव और पेट्रोलियम उत्पादों के व्यापार एवं आपूर्ति पर पड़ने वाले असर पर बैठक में चर्चा की गई. हिंदुस्तान ने सभी मुद्दों को वार्ता और कूटनीति के माध्यम से सुलझाने का भी आह्वान किया है.

Untitled 187

WhatsApp Group Join Now

सूत्रों ने यह जानकारी दी. सूत्रों ने कहा कि पश्चिम एशिया में तनाव और पेट्रोलियम उत्पादों के व्यापार एवं आपूर्ति पर पड़ने वाले असर पर बैठक में चर्चा की गई. हिंदुस्तान ने पश्चिम एशिया में सुरक्षा स्थिति बिगड़ने पर गहरी चिंता जाहिर करते हुए बोला है कि संघर्ष को व्यापक रूप नहीं लेना चाहिए. हिंदुस्तान ने सभी मुद्दों को वार्ता और कूटनीति के माध्यम से सुलझाने का भी आह्वान किया है.

 

जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबल पश्चिम एशिया की स्थिति पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि केंद्र शासित प्रदेश में सुरक्षा परिदृश्य पर किसी प्रकार का कोई प्रतिकूल असर न पड़े. श्रीनगर स्थित चिनार कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा, पश्चिम एशिया समेत वैश्विक संघर्षों और उनके संभावित प्रभावों के संबंध में हमने कुछ हल्की असर देखे हैं. घाटी में भी कुछ विरोध प्रदर्शन हुए हैं.

उन्होंने बताया, फिलहाल हमें ऐसा कोई संकेत नहीं दिखा है, जिसके आधार पर यह बोला जा सके कि स्थिति चिंताजनक है. उन्होंने हालांकि बोला कि समय बीतने के साथ ये संघर्ष और भी तीव्र होते जा रहे हैं. लेफ्टिनेंट जनरल घई ने बताया, हम स्थिति पर बारीकी से नजर रखते रहेंगे ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि इनमें से किसी का भी हमारे क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति पर प्रतिकूल असर न पड़े.

 

यह पूछे जाने पर कि क्या जम्मू और कश्मीर में निर्वाचित गवर्नमेंट के गठन के बाद किसी प्रकार की कोई सुरक्षा चुनौती सामने आ सकती है, तो उन्होंने बोला कि जहां तक आठ अक्टूबर को मतगणना के बाद किसी विशेष परिदृश्य के बारे में विशिष्ट खुफिया जानकारी का प्रश्न है तो हमें किसी चिंताजनक स्थिति का कोई विशेष संकेत नहीं मिला है.

उन्होंने कहा कि सेना जम्मू और कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर बाड़ के आगे वाले गांवों को स्थानांतरित करने के प्रस्ताव पर काम कर रही है क्योंकि लोगों के जीवन की सुरक्षा के लिए यह बहुत महत्वपूर्ण है. घई ने कहा, हां, इस पर काफी विचार किया जा रहा है. हमारे पास पहले से ही रूपरेखा है लेकिन इसके लिए नागरिक प्रशासन के साथ योगदान और सामंजस्य की जरूरत है क्योंकि इस तरह के कदम में कई पहलू शामिल होते हैं.

 

उन्होंने बोला कि सुरक्षा हमेशा से एक चिंता का विषय रही है और हम उन सामाजिक-आर्थिक कारकों को नजरअंदाज नहीं कर सकते जो इन लोगों को प्रभावित करते हैं. अधिकारी ने बताया, इसलिए एक योजना तैयार की जा रही है और मुझे विश्वास है कि यह निकट भविष्य में पेश की जाएगी.

Back to top button