भारतीय वायुसेना ने अपने आकाश एयर डिफेंस सिस्टम का सफलता पूर्वक किया परीक्षण
भारत को इतनी बड़ी कामयाबी मिली है जिसने पूरे राष्ट्र का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया है। हिंदुस्तान ने वो कर दिखाया है जिसे दुनिया में अभी तक कोई नहीं कर सका है। अमेरिका, रूस, चीन, इजरायल हिंदुस्तान ने सबको पीछे छोड़कर नंबर वन बन गया है। हिंदुस्तान ने एक ऐसा एयर डिफेंस सिस्टम तैयार कर लिया है जो किसी राष्ट्र के पास नहीं है। भारतीय वायुसेना ने अपने आकाश एयर डिफेंस सिस्टम का कामयाबी पूर्वक परीक्षण कर लिया है। आकाश एयर डिफेंस सिस्टम ने एक साथ चार टारगेट को नष्ट करने की टेस्टिंग की है। आकाश ने हवा में उड़ने वाले चार भिन्न-भिन्न दिशाओं से आने वाले ऑब्जेक्ट्स को एक साथ चार मिसाइलों से उड़ा दिया। इस तरह का टेस्ट करने वाला हिंदुस्तान दुनिया का पहला राष्ट्र बन गया है। 
रक्षा ऑफिसरों ने कहा कि हाल के डिफेंस एक्सरसाइज अस्त्र शक्ति 2023 के दौरान हिंदुस्तान ने इंटिजिनियस आकाश मिसाइल सिस्टम का शक्ति प्रदर्शन किया था। ये सारे टारगेट मानवरहित थे। ये एक्सरसाइज 12 दिसंबर को आंध्र प्रदेश के सूर्यलंका वायुसेना स्टेशन पर की गई। आपको बता दें कि आकाश वेपन सिस्टम को डीआरडीओ ने बनाया है। ये पूरी तरह से स्वदेशी डिफेंस सिस्टम है। इसे खरीदने के लिए कई अंतर्राष्ट्रीय ग्राहकों ने ऑर्डर दिए है। डीआरडीओ भी इस सिस्टम को लगातार अपडेट कर रहा है।
आकाश एयर डिफेंस सिस्टम की क्षमता की बात करें तो ये हिंदुस्तान डायनमिक लिमिटेड (बीडीएलके) शॉर्ट रेंज सर्वेस टू एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम है। इसका मुख्य काम हवा से आने वाले किसी भी खतरे को हवा में ही समाप्त करना है। ये सिस्टम शत्रु के हवाई हमले से एक बड़े क्षेत्र की रक्षा कर सकता है। बीडीएल के अनुसार आकाश विपेन सिस्टम ग्रुप मोड या आटोनोमस मोड में एक साथ कई टारगेट को निशाना बना सकता है। ये पूरा सिस्टम एक चलती फिरती वाहन पर असेंबल किया जा सकता है।

