भारत सरकार अपने पेमेंट सिस्टम UPI को 30 देशों में ले जाने की तैयारी मे …
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी गवर्नमेंट के कामकाज का मुख्य लक्ष्य सुशासन, पारदर्शिता और सेवा को मानते हैं। पीएम मोदी के इस सुशासन और पारदर्शिता को बढ़ावा औनलाइन लेंन-देंन के माध्यम से मिल रहा है। प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी जहां डीबीटी के माध्यम से लक्षित समूह तक बिना किसी अवरोध के ऑन टाइम सहायता उपलब्ध कराते हैं। वहीं डिजिटल लेंन-देंन भी देशवासियों के लिए एक आसान सुगम और पारदर्शी माध्यम साबित हो रहा है।
क्या बताते हैं आंकड़े
अगस्त की तुलना में सितंबर में मूल्य के संर्दभ में यूपीआई में बढ़ोत्तरी हुआ। यह भुगतान अगस्त में 15.74 लाख करोड़ रुपये था, जो सितंबर में 0.3 फीसदी बढ़कर 15.8 लाख करोड़ रुपये हो गया।
भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम के आंकड़े के अनुसार, सितंबर-2022 की तुलना में इस वर्ष सितंबर में भुगतान की संख्या में 56 फीसदी और मूल्य के संदर्भ में 41 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। एनपीसीआई ने सितंबर, 2022 में 6.7808 अरब लेन–देन का प्रसंस्करण किया था और इनका मूल्य 11.16 लाख करोड़ रुपये था।
यह है भविष्य की तैयारी
भारत गवर्नमेंट अपने पेमेंट सिस्टम UPI (Unified Payments Interface) को 30 राष्ट्रों में ले जाने की तैयारी कर रही है। इनमें से सिंगापुर, यूएई और भूटान जैसे राष्ट्र पहले ही UPI को अपना चुके हैं, यानी इन राष्ट्रों में UPI की सहायता से पैसों का लेन-देन हो सकता है। गवर्नमेंट और आरबीआई ने जी-20 राष्ट्रों के यात्रियों को यूपीआई के ज़रिये पेमेंट करने की सुविधा भी दी है।
इस कारण यह हुआ सफल
गौरतलब है कि वर्ष 2016 में UPI को लॉन्च किया गया था। जानकार बताते हैं कि इसमें ज़्यादा बल इसे आसान रखने पर ही था, ताकि टेक्नॉलजी के कम जानकार भी इसका इस्तेमाल कर सकें और इस चीज़ का असर दिखा भी। जानकार बताते हैं कि यही कारण है कि एक दशक से भी कम समय में यूपीआई का क्यूआर कोड जूलरी शॉप से लेकर सब्जी के ठेले तक पर नज़र आने लगा।
बीजेपी के युवा नेता मनोज यादव का बोलना है कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्र में कई क्रांतियां आई है और इसमें से यूपीआई एक बहुत बड़ी क्रांति है, जिसने सामान्य जन मानस को सकारात्मक तौर पर प्रभावित किया है। मनोज यादव का मानना है कि यूपीआई के माध्यम से लेनदेन सरल होने के साथ-साथ अर्थव्यवस्था को फॉर्मल बनाने की कवायद भी तेजी से चल रही है।

