मुश्किल दौर से गुजर रही हैं यमन में फांसी की सजा पा चुकी भारतीय नर्स
Kerala Nurse Death Sentence: खाड़ी राष्ट्र यमन में फांसी की सजा पा चुकी भारतीय नर्स निमिषा प्रिया इन दिनों कठिन दौर से गुजर रही है. इस बीच विदेश मंत्रालय ने बोला है कि वह निमिषा प्रिया के परिवार के संपर्क में हैं और हर संभव कानूनी सहायता भी उपलब्ध कराने को तैयार है. यमन के राष्ट्रपति रशद अल अलीमी की ओर से निमिषा प्रिया की फांसी की सजा को स्वीकृति मिल चुकी है. इसके बाद से ही नर्स का पूरा परिवार सदमे में है. ऐसे में अब प्रश्न यह है कि क्या हिंदुस्तान गवर्नमेंट निमिषा प्रिया की सजा माफ करवा पाएगी?

केरल के पलक्कड़ जिले के कोलेंगोड की रहने वाली निमिषा को कथिर तौर पर यमन में नागरिक की मर्डर के लिए मृत्यु की सजा सुनाई गई. निमिषा को वर्ष 2017 में यमन में क्षेत्रीय नागरिक की मर्डर के इल्जाम में अरेस्ट किया गया है. इसके बाद निचली न्यायालय ने निमिषा प्रिया को 2020 में मृत्यु की सजा सुनाई थी. यमन के उच्चतम न्यायालय ने 2023 में इस सजा को बरकरार रखा था. अब यमन के राष्ट्रपति ने भी इसे स्वीकृति दे दी है.
निमिषा के पास ये विकल्प
यमन में शरिया कानून लागू है. ऐसे में उसके पास ब्लड मनी का विकल्प है. शरिया कानून के मुताबिक क्राइम का शिकार हुए आदमी का परिवार पैसे लेकर क्रिमिनल को माफ करने का विकल्प चुन सकता है. यदि मृत आदमी का परिवार ब्लड मनी को स्वीकार कर लेता है तो निमिषा को माफी मिल जाएगी. इसके बाद ही उसे रिहाई मिल सकती है.
ब्लड मनी के तौर पर देने होंगे 4 लाख डाॅलर
नवंबर 2023 में निमिषा प्रिया की ओर से वार्ता प्रारम्भ करने के लिए 40 हजार डाॅलर का भुगतान किया गया था. मीडिया रिपोर्ट की मानें तो फांसी की सजा से माफी के लिए उसके परिवार को संभवतः 4 लाख डाॅलर और देने होंगे. 2020 में सेव निमिषा प्रिया एक्शन काउंसिल का गठन किया गया था. वे वर्तमान में रिहाई सुनिश्चित करने के लिए जरूरी धन जुटा रहे हैं. दिल्ली उच्च न्यायालय में प्रिया की मां की पैरवी कर चुके वकील सुभाष चंद्रन ने बोला मुद्दे में हिंदुस्तान गवर्नमेंट के हस्तक्षेप से मृत्यु की सजा को टाला जा सकता है.
वकील ने कहा कि महादी के परिवार से वार्ता करने, ब्लड के बदले में प्रिया को माफ करने के लिए राजी करना और रिहाई सुनिश्चित करने के लिए कुछ समय की जरूरत होगी. इसमें हिंदुस्तान गवर्नमेंट भी सहायता कर सकती है.
महादी के साथ निमिषा ने खोला था क्लिनिक
निमिषा 2008 में यमन गई थी. उसने 2011 में केरल के टाॅमी थाॅमस से विवाह कर ली. वह स्वयं का क्लिनिक खोलना चाहती थी, लेकिन यमन के कानून के मुताबिक इसके लिए क्षेत्रीय भागीदार की आवश्यकता थी. इस दौरान निमिषा तलाल महादी के संपर्क में आई. ऐसे में निमिषा ने महादी से सहायता मांगी. इसके बाद महादी ने क्लिनिक खोलने में निमिषा की सहायता की. 2014 में गृहयुद्ध के बीच निमिषा किसी तरह यमन पहुंची. इसके बाद तलाल ने क्लिनिक की कमाई का हिस्सा बांटने से मना कर दिया. उसने निमिषा को पत्नी के तौर पर पेश करने के लिए जाली डॉक्यूमेंट्स भी बनाए.
ऐसे हुई तलाल महादी की मौत
रिपोर्ट के अनुसाद महादी पहले से शादीशुदा था. वह निमिषा को दूसरी पत्नी बताता था. 2016 में निमिषा ने महादी की पुलिस में कम्पलेन कर दी. इसके बाद पुलिस उसे पकड़कर ले गई. कुछ समय बाद जब वह कारावास से छूटकर आया तो उसने निमिषा का पासपोर्ट छीन लिया. निमिषा ने अपना पासपोर्ट वापस लेने के लिए बेहोशी का इंजेक्शन दे दिया. ओवरडोज के कारण महादी की मृत्यु हो गई. मुद्दे में अब्दुल हनान नामक नर्स को भी जीवन भर जेल की सजा हुई. वहीं निमिषा को फांसी की सजा सुनाई गई

