भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने चंद्रयान-3 मिशन को लेकर दी ये ताजा जानकारी
23 अगस्त, 2023 को हिंदुस्तान ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर अपने अंतरिक्ष यान चंद्रयान -3 के विक्रम लैंडर को उतारने वाला पहला राष्ट्र बनकर इतिहास में अपना नाम दर्ज कराया। इस ऐतिहासिक कदम के साथ ही अब रोवर प्रज्ञान चांद पर लगातार अपनी छाव छोड़ता जा रहा है। इसरो चंद्रयान-3 से जुड़ी हर गतिविधि के बारे में ट्वीट कर जानकारी दे रहा है।
चंद्रयान-3 ने हासिल के लिए दो लक्ष्य
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने चंद्रयान-3 मिशन को लेकर ताजा जानकारी दी है, जिसमें कहा गया है कि चंद्रयान-3 ने तीन में से दो उद्देश्य हासिल कर लिए गए हैं, जबकि तीसरे उद्देश्य के अनुसार वैज्ञानिक प्रयोग जारी हैं।
चंद्रयान-3 मिशन के सभी पेलोड सामान्य रूप से कर रहे काम
इसने बोला कि चंद्रयान-3 मिशन के सभी पेलोड सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। इसरो ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा, चंद्रयान-3 मिशन: मिशन के तीन उद्देश्यों में से, चंद्रमा की सतह पर सुरक्षित और सॉफ्ट लैंडिंग का प्रदर्शन पूरा हो गया है। चंद्रमा पर रोवर के घूमने का लक्ष्य हासिल कर लिया गया है। तीसरे उद्देश्य के अनुसार वैज्ञानिक प्रयोग जारी हैं। सभी पेलोड सामान्य रूप से कार्य कर रहे हैं।
अगले 13-14 दिन बहुत खास
इसरो प्रमुख एस सोमनाथ ने शनिवार को बोला कि चंद्रयान-3 के अधिकतर वैज्ञानिक मिशन उद्देश्य अब पूरे हो जाएंगे और इसरो की टीम अगले 13-14 दिनों के लिए उत्साहित है। उन्होंने कहा, वैज्ञानिक मिशन के अधिकतर उद्देश्य अब पूरे होने जा रहे हैं। लैंडर और रोवर सभी चालू हैं। मैं समझता हूं कि सभी वैज्ञानिक डेटा बहुत अच्छे दिख रहे हैं। लेकिन हम चंद्रमा से बहुत सारे डेटा को मापना जारी रखेंगे आने वाले 14 दिन और हमें आशा है कि ऐसा करते हुए हम विज्ञान में वास्तव में अच्छी कामयाबी हासिल करेंगे।
23 अगस्त को मनाया जाएगा नेशनल स्पेस डे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को घोषिणा की चंद्रयान-3 की ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ की तारीख 23 अगस्त के दिन को अब राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के रूप में मनाया जाएगा। जिसका उद्देश्य विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार की भावना का उत्सव मनाना और लोगों को अनंत काल तक प्रेरित करना है।
पीएम मोदी ने लैंडिंग प्वाइंट को दिया नाम
दक्षिण अफ्रीका और ग्रीस राष्ट्रों की यात्रा से लौटने के साथ ही प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने सीधे इसरो के वैज्ञानिकों से मुलाकात की। उन्होंने चंद्रयान-3 की कामयाबी के लिए पूरी टीम को शुभकामना दी। इस दौरान उन्होंने तीन बड़ी घोषणाएं भी की। प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने बताया, चांद की सतह पर जहां च्रदयान-3 ने लैंड किया, उस जगह को शिव शक्ति प्वाइंट के नाम से जाना जाएगा। उन्होंने यह घोषणा भी की कि 2019 में चंद्रयान-2 ने जिस स्थान पर अपने पदचिह्न छोड़े थे, चंद्रमा की उस स्थान को अब ‘तिरंगा’ प्वाइंट के रूप में जाना जाएगा।
इसरो प्रमुख सोमनाथ ने प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी को मिशन चंद्रयान-3 के बारे में जानकारी दी
इसरो के अध्यक्ष एस सोमनाथ ने मोदी को चंद्रयान-3 मिशन और इसकी प्रगति के बारे में जानकारी दी। अपने संबोधन में मोदी ने बोला कि नई पीढ़ी को हिंदुस्तान के शास्त्रों में वर्णित खगोलीय सूत्रों को वैज्ञानिक रूप से सिद्ध करने और उनका नए सिरे से शोध करने के लिए आगे आना चाहिए।

