‘इंडिगो’ ने इस मामले में बनाया नया रिकॉर्ड
इंडिगो एयरलाइंस सीट कैपेसिटी के मुद्दे में दुनिया की दूसरी सबसे तेजी से बढ़ने वाली एयरलाइन बन गई है. यह 2024 में सालाना आधार पर 134.9 मिलियन सीटों से 10.1 फीसदी बढ़कर 134.9 मिलियन से अधिक हो गई है.

आधिकारिक एयरलाइन गाइड (ओएजी) के लेटेस्ट आंकड़ों के अनुसार, हिंदुस्तान की सबसे बड़ी एयरलाइन को कतर एयरवेज के बाद दूसरे जगह पर रखा गया है, जिसने पिछले साल की तुलना में सीट कैपेसिटी में 10.4 फीसदी की वृद्धि दर्ज की है.
इंडिगो को 2024 में फ्लाइट फ्रिक्वेंसी ग्रोथ के मुद्दे में भी दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली एयरलाइन के रूप में जगह दिया गया है, जो सालाना आधार पर 9.7 फीसदी है. आंकड़ों से पता चलता है कि एयरलाइन ने इस वर्ष 749,156 फ्लाइट फ्रिक्वेंसी दर्ज की.
ओएजी ने यह भी दर्ज किया है कि इंडिगो के पास दुनिया के सबसे बड़े विमान ऑर्डर में से एक है, जिसमें 900 से अधिक विमान ऑर्डर पर हैं और 2024 के दौरान 58 नए एयरबस विमानों का सबसे बड़ा प्राप्तकर्ता है.
हालांकि, एयरलाइन के पास एमआरओ से जुड़े सप्लाई चेन मुद्दों के कारण निष्क्रिय विमानों का एक बड़ा हिस्सा (लगभग 80 विमान) है.
जबकि इंडिगो की 88 फीसदी कैपेसिटी घरेलू बाजारों को आवंटित की जाती है, ‘अंतरराष्ट्रीय विकास’ एयरलाइन की रणनीति का एक जरूरी हिस्सा है, जिसमें 2024 के दौरान क्षेत्रीय मध्य मिडल ईस्ट बाजार और थाईलैंड पर ध्यान केंद्रित किया गया है.
इंडिगो के लिए लॉन्ग-टर्म महत्वाकांक्षा में लंबी दूरी की कम लागत वाली सेवाओं का विकास शामिल है. एयरलाइन 2025 के लिए वेट लीज विमानों के साथ लॉन्च योजनाओं को आगे लाने पर विचार कर रही है.
इंडिगो ने 31 मार्च, 2025 को खत्म होने वाले चालू वित्त साल की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में 2,449 करोड़ रुपये का शुद्ध फायदा दर्ज किया. यह पिछले वित्त साल के इसी आंकड़े की तुलना में 18 फीसदी की गिरावट दर्शाता है. हालांकि, तिमाही के दौरान परिचालन से एयरलाइन का राजस्व 14 फीसदी बढ़कर 22,111 करोड़ रुपये हो गया.
तिमाही के लिए इंडिगो की कुल आय 22,992.8 करोड़ रुपये थी, जो पिछले साल की इसी अवधि से 14.6 फीसदी अधिक थी.
तिमाही के लिए एयरलाइन का कुल खर्च 20,465.7 करोड़ रुपये था, जो पिछले साल की तुलना में 19.9 फीसदी अधिक था.
तिमाही के लिए इंडिगो का लोड फैक्टर 86.9 फीसदी रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि के 85.8 फीसदी से अधिक था.

