एम्बुलेंस सेवा चलाने वाली जय अंबे इमरजेंसी सर्विस के ऊपर पड़ी इनकम टैक्स की नजर

बुधवार को आयकर ऑफिसर्स ने कंपनी के अवंति विहार सेक्टर 2 स्थित ग्लोबल टॉवर के सेकंड फ्लोर पर बने ऑफिस में रेड मारी थी। इसके अतिरिक्त संचालकों के घर पर भी छापा मारा था। बता दें कि कंपनी के तीन संचालक हैं, जिनमें से दो को अरेस्ट किया गया है जबकि एक फरार होने में सफल हो गया।
अलग-अलग उपायों से चोरी
कंपनी के तीन में से दो संचालक जोगेंद्र सिंह और धर्मेंद्र सिंह पकड़े गए जबकि अमरेंद्र सिंह फरार हो गया। कहा जा रहा है कि कंपनी हर वर्ष अपने एम्प्लोयी के वेतन भत्ते में हेरफेर करती थी। एक ही कर्मचारी को हर वर्ष भिन्न-भिन्न फर्मों में नियुक्त कर देनदारी में धांधली की जाती थी। कंपनी के परमानेंट एम्प्लोयी की संख्या काफी कम दिखाई जाती थी और ज्यादातर कॉन्ट्रैक्ट पर दिखाए जाते थे। कंपनी की स्थापना लागत अधिक दिखाई गई थी और इसके खर्चे भी काफी अधिक दिखाए जाते थे।
कई कंपनियों के मालिक
फर्म के तीनों संचालकों के नाम पर कई अन्य फर्म भी रजिस्टर्ड हैं। तीनों ने कई नामों से कई कंपनियां रजिस्टर कर रखी है। हर कंपनी में फायदा कम दिखा कर उन्होने अच्छे खासे पैसे बचाए थे। आयकर विभाग ने आईटीआर और अन्य रिकॉर्ड में जब बड़े पैमाने का खर्च देख कम फायदा देखा तब उन्हें संदेह हुआ। इसी के आधार पर जांच कर कार्यवाई की गई।

