Jammu And Kashmir News: भाजपा नेताओं ने इस बयान को दिया ‘असंवैधानिक’ करार
Jammu And Kashmir News: जम्मू-कश्मीर के केरन सेक्टर को लेकर नेशनल कांफ्रेंस के सीनियर नेता मीर सैफुल्लाह के बयान पर टकराव खड़ा हो गया है। सैफुल्लाह ने हिंदुस्तान के हिस्से वाले केरन सेक्टर की तुलना पाक के कब्जे वाले हिस्से (PoK) से कर दी, जिसके बाद बीजेपी ने इस बयान का कड़ा विरोध किया है।

भाजपा ने कहा– यह अस्वीकार्य, पाक की मानसिकता दर्शाता है
भाजपा नेताओं ने इस बयान को ‘असंवैधानिक’ करार दिया और बोला कि भारतीय क्षेत्र की तुलना पाक से करना उसकी मानसिकता को दर्शाता है। बीजेपी विधायक आर।एस। पठानिया और नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने बोला कि हम असेंबली में पाक की प्रशंसा नहीं होने देंगे। उन्होंने इस बयान को हटाने की मांग भी की। बीजेपी नेताओं ने बोला कि नेशनल कांफ्रेंस हमेशा हिंदुस्तान विरोधी मानसिकता रखती है और यह बयान भी उसी मानसिकता का हिस्सा है।
मीर सैफुल्लाह ने दी सफाई, कहा– बयान को गलत ढंग से पेश किया गया
मीर सैफुल्लाह ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा, ‘मैंने कोई देशविरोधी बात नहीं कही है। मैंने केवल इतना बोला कि हिंदुस्तान के हिस्से में अधिक विकास होना चाहिए। बीजेपी हमें देशविरोधी बताने की प्रयास कर रही है, लेकिन सच्चाई यह है कि नेशनल कांफ्रेंस ने इस राष्ट्र के लिए बीजेपी से अधिक कुर्बानियां दी हैं।‘
MLA नजीर अहमद खान (गुरेजी) ने भी माना– PoK में अधिक विकास हुआ
वहीं, नेशनल कांफ्रेंस के ही विधायक नजीर अहमद खान (गुरेजी) ने भी माना कि पाक के कब्जे वाले हिस्से में अधिक विकास हुआ है। उन्होंने कहा, ‘यह सच है कि वहां (PoK) में सड़कें बेहतर हैं, लेकिन हिंदुस्तान के केरन सेक्टर में कम विकास हुआ है।‘
उमर अब्दुल्ला का भी आया बयान
नेशनल कांफ्रेंस के उपाध्यक्ष और सीएम उमर अब्दुल्ला ने भी इस टकराव पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, ‘सरहद के उस पार विकास हुआ है, यह सच है। लेकिन पाक ने यह विकास केवल बॉर्डर पर दिखाने के लिए किया है और वह भी चीन की सहायता से। हिंदुस्तान ने बिना किसी बाहरी सहायता के अपने सीमावर्ती इलाकों में विकास किया है, लेकिन हमें और अधिक काम करने की आवश्यकता है।‘
विवाद पर गरमाई राजनीति
मीर सैफुल्लाह के बयान के बाद जम्मू और कश्मीर की राजनीति गरमा गई है। बीजेपी ने इस बयान को राष्ट्रविरोधी बताते हुए नेशनल कांफ्रेंस पर धावा बोला, वहीं उमर अब्दुल्ला और सैफुल्लाह ने बीजेपी पर तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने का इल्जाम लगाया। अब देखना होगा कि इस मामले पर सियासी दलों की क्या अगली रणनीति होती है? और क्या इस बयान को लेकर असेंबली या अन्य मंचों पर कोई आधिकारिक कार्रवाई होती है या नहीं।

