Jammu and Kashmir: आतंकवादियों ने वीडीजी को अगवा करने के बाद कर दी थी हत्या
Jammu and Kashmir: जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के ऊपरी इलाकों में बृहस्पतिवार को आतंकियों ने दो ग्राम रक्षा गार्ड (वीडीजी) को अगवा करने के बाद उनकी मर्डर कर दी. ऑफिसरों ने यह जानकारी दी. ‘सनातन धर्म सभा’ संगठन ने इन हत्याओं के विरोध में शुक्रवार को किश्तवाड़ में पूर्ण बंद का आह्वान किया है.

हत्या की इस घटना के बाद पुलिस और सेना ने घने जंगल वाले क्षेत्र में व्यापक संयुक्त तलाश अभियान प्रारम्भ किया है. उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, सीएम उमर अब्दुल्ला और नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी, कांग्रेस पार्टी एवं बीजेपी (भाजपा) के नेताओं ने इस घटना की निंदा की है.
पुलिस की प्रवक्ता ने बताया, ‘‘प्राप्त सूचना के अनुसार, ओहली कुंतवाड़ा निवासी वीडीजी के दो सदस्य नजीर अहमद और कुलदीप कुमार अपने मवेशियों को चराते समय ऊपरी इलाकों में लापता हो गए.” उन्होंने बताया, ‘‘बाद में उनके शवों की फोटोज़ सोशल मीडिया पर प्रसारित होने लगीं और परिवार के सदस्यों ने उनकी पहचान की पुष्टि की.”
उन्होंने बताया, ‘‘इस संबंध में पुलिस और सेना संयुक्त तलाशी अभियान चला रही है.” ऑफिसरों ने कहा कि ओहली-कुंतवाड़ा निवासी नजीर अहमद और कुलदीप कुमार बृहस्पतिवार सुबह अधवारी क्षेत्र के मुंजला धार जंगल में अपने मवेशियों को चराने गए थे, लेकिन वे वापस नहीं लौटे. उन्होंने कहा कि आतंकियों द्वारा उनका किडनैपिंग कर उनकी मर्डर किए जाने की खबरों के बीच पुलिस दल उन्हें खोजने निकले.
कुमार के भाई पृथ्वी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘हमें सूचना मिली है कि मेरे भाई और अहमद को आतंकियों ने अगवा कर लिया है और उनकी मर्डर कर दी है. वे वीडीजी थे और हमेशा की तरह मवेशी चराने गए थे.”
उन्होंने बोला कि बड़े पैमाने पर तलाश अभियान जारी है लेकिन अब तक मृतशरीर बरामद नहीं हुए हैं. पृथ्वी ने बोला कि उनके पिता अमर चंद की एक हफ्ते पहले मृत्यु हो गई थी और ऐसे में उनके भाई के बारे में ऐसी समाचार मिलना परिवार के लिए एक और बड़ा सदमा है. नाम न बताने की शर्त पर एक क्षेत्रीय आदमी ने कहा कि गांव वालों को इस घटना के बारे में तब पता चला, जब आतंकियों ने मर्डर की फोटोज़ मृतकों के टेलीफोन से साझा कीं.
पाकिस्तान से संचालित जैश-ए-मोहम्मद आतंकी संगठन से जुड़े ‘कश्मीर टाइगर्स’ ने इन हत्याओं की जिम्मेदारी ली है. उसने कुछ फोटोज़ साझा कीं जिनमें दोनों वीडीजी के शवों की आंखों पर पट्टी बंधी है. ‘सनातन धर्म सभा’ संगठन ने कहा, ‘‘किश्तवाड़ के कुंतवाड़ा में दो वीडीजी सदस्यों की बेरहमी से मर्डर के विरोध में पूरे किश्तवाड़ में पूर्ण बंद रहेगा. किसी भी वाहन को सड़कों पर चलने की अनुमति नहीं होगी. व्यापारिक प्रतिष्ठान एवं कार्यालयों को बंद रखने की अपील की गई है.”
संगठन ने बोला कि किश्तवाड़ की आम जनता से निवेदन है कि वे बंद का पूर्ण समर्थन करें तथा अपने सभी व्यापारिक प्रतिष्ठान, शैक्षणिक संस्थान और दुकानें बंद रखें. उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने वीडीजी सदस्यों पर हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की और सभी आतंकी संगठनों को नष्ट करने तथा इस बर्बर कृत्य का बदला लेने के लिए गवर्नमेंट के संकल्प को दोहराया. उन्होंने पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा, ‘‘वीडीजी सदस्यों पर हुए जघन्य आतंकी हमले की जितनी भी निंदा की जाए वह कम है.”
सिन्हा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘मैं इस कायरतापूर्ण हमले में शहीद हुए वीर सपूतों के परिवारों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं. हम सभी आतंकवादी संगठनों को नष्ट करने और इस बर्बर कृत्य का बदला लेने के लिए दृढ़ संकल्प हैं.” सीएम अब्दुल्ला और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने भी इस घटना की निंदा की.
सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस ने ‘एक्स’ पर लिखा कि पार्टी अध्यक्ष और सीएम ने जघन्य हत्याओं की निंदा करते हुए बोला कि ‘‘बर्बर अत्याचार के ऐसे कृत्य जम्मू कश्मीर में दीर्घकालिक शांति स्थापित करने में एक बड़ी बाधा बने हुए हैं.”
वरिष्ठ बीजेपी नेता एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री कविंदर गुप्ता, पूर्व सीएम एवं पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की सुप्रीमो महबूबा मुफ्ती और प्रदेश कांग्रेस पार्टी कमेटी के उपाध्यक्ष रविन्द्र शर्मा ने भी हत्याओं की निंदा की. राजौरी, पुंछ, रियासी, उधमपुर, डोडा और कठुआ सहित जम्मू क्षेत्र के कई अन्य जिलों के साथ-साथ किश्तवाड़ में इस साल आतंकी हमलों में वृद्धि हुई है. सुरक्षा एजेंसियां इसके लिए शांतिपूर्ण क्षेत्र में सीमा पार आतंकियों द्वारा आतंकी गतिविधियों को फिर से प्रारम्भ करने के कोशिश को उत्तरदायी ठहरा रही हैं.

