Jammu Kashmir Kishtwar Cloudburst: किश्तवाड़ में भी घटी उत्तरकाशी वाली घटना, 15 लोगों की हुई मौत
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में गुरुवार को भयंकर बादल फटने से कम से कम 15 लोगों की मृत्यु हो गई और 50 से ज़्यादा घायल हो गए. यह आपदा हिमालय स्थित माता चंडी मंदिर की मचैल माता यात्रा के मार्ग पर आई, जिससे तीर्थयात्रा मार्ग में अफरा-तफरी मच गई. मृतकों में यात्रा के लिए तैनात केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) का एक जवान भी शामिल है. CISF के तीन अन्य जवान लापता हैं. बचाव दल तुरंत मौके पर पहुँच गए और अब जीवित बचे लोगों की तलाश और फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जा रहा है.

बचाव अभियान अभी जारी है और ऑफिसरों को संभावना है कि जैसे-जैसे कोशिश जारी रहेंगे, मृतकों की संख्या बढ़ सकती है. हताहतों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है. श्रीनगर मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले 4-6 घंटों में जम्मू और कश्मीर के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश, मामूली बारिश, गरज, बिजली और तेज़ हवाओं के साथ बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है.
गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर लिखा कि किश्तवाड़ ज़िले में बादल फटने की घटना पर जम्मू और कश्मीर के उपराज्यपाल और सीएम से बात की. क्षेत्रीय प्रशासन राहत और बचाव कार्य कर रहा है. एनडीआरएफ की टीमें तुरंत मौके पर पहुँच गई हैं. उन्होंने बोला कि वे स्थिति पर कड़ी नज़र रख रहे हैं और हर हालात में जम्मू और कश्मीर के लोगों के साथ मजबूती से खड़े हैं. ज़रूरतमंद लोगों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया.
उमर अब्दुल्ला ने लिखा कि समाचार गंभीर और परफेक्ट है; बादल फटने से प्रभावित क्षेत्र से सत्यापित जानकारी आने में देरी हो रही है. बचाव कार्यों के प्रबंधन के लिए जम्मू और कश्मीर के भीतर और बाहर से सभी संभव संसाधन जुटाए जा रहे हैं. मैं चैनलों या समाचार एजेंसियों से बात नहीं करूँगा. गवर्नमेंट जब भी संभव होगा जानकारी साझा करेगी. एनडीआरएफ के एक आधिकारिक बयान के अनुसार, आधुनिक उपकरणों से लैस एनडीआरएफ की दो टीमों के लगभग 180 सदस्यों को उधमपुर बेस से रवाना किया गया.

