कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने भाजपा में जाने की किसी भी योजना से किया इनकार
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बीजेपी में जाने की किसी भी योजना से जोरदार इनकार किया. उन्होंने बोला कि मैंने कुछ मीडिया और सोशल मीडिया में देखा है, और मेरे दोस्त टेलीफोन करके मुझसे पूछ रहे हैं कि क्या मैं बीजेपी के करीब आ रहा हूं. उन्होंने तमाम अटकलों को खारिज करते हुए स्पष्ट रूप से बोला कि मैं जन्मजात कांग्रेसी हूं. शिवकुमार की प्रयागराज में महाकुंभ मेले की यात्रा, जहां उन्होंने अपने परिवार के साथ त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान किया, ने संभावित परिवर्तन की अफवाहों को हवा दी.

कांग्रेस के भीतर कुछ लोगों ने इसे एक रणनीतिक कदम के रूप में देखा, जबकि बीजेपी समर्थकों ने सियासी पुनर्गठन के बारे में अनुमान लगाया. इन दावों को संबोधित करते हुए उन्होंने साफ किया, “महाकुंभ में आना मेरी आस्था है और मैं सभी धर्मों का सम्मान करता हूं. ऐसी अटकलें मेरे करीब भी नहीं फटकतीं; मैं भाजपा के आरोपों को गंभीरता से नहीं लेता.‘ इन अफवाहों का समय कर्नाटक कांग्रेस पार्टी के भीतर चल रहे सत्ता संघर्ष से मेल खाता है. शिवकुमार के समर्थक सीएम पद के लिए उनकी आकांक्षाओं के बारे में मुखर रहे हैं, जबकि सीएम सिद्धारमैया ने नेतृत्व पर अपनी पकड़ बनाए रखी है.
सिद्धारमैया द्वारा हाल ही में चुनिंदा दलित और अनुसूचित जनजाति (एसटी) कैबिनेट सहयोगियों के लिए रात्रिभोज की मेजबानी के बाद अटकलों को और बल मिला, जिससे एक घूर्णी सीएम फार्मूले के बारे में चर्चा प्रारम्भ हो गई. शिवकुमार ने नेतृत्व को लेकर खींचतान की खबरों को कमतर करने का कोशिश करते हुए कहा, ”लोगों ने हमें आशीर्वाद दिया है और हमें मौका दिया है, और हम पांच वर्ष तक बने रहेंगे. सीएम और मैं पार्टी के निर्देशानुसार काम करते रहेंगे.” उन्होंने अपने समर्थकों की ओर से उन्हें सीएम बनाए जाने की मांग को खारिज करते हुए कहा, ”मुझे किसी का समर्थन नहीं चाहिए. यह मेरे और कांग्रेस पार्टी पार्टी के बीच है.

