राष्ट्रीय

कविता ने अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के साथ मिलकर रची साजिश

Delhi Liquor Policy: दिल्ली शराब नीति मुद्दे में हिंदुस्तान देश समिति यानी BRS नेता के कविता अरैस्ट हो चुकी हैं. अब खबरें हैं कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इल्जाम लगाए हैं कि कविता ने लाभ पाने के लिए आम आदमी पार्टी (AAP) नेताओं के साथ षड्यंत्र रची है. साथ ही केंद्रीय जांच एजेंसी ने कविता की तरफ से 100 करोड़ रुपये के भुगतान की बात भी कही गई है.

Newsexpress24. Com ed 100 download 2024 03 19t074422. 865

WhatsApp Group Join Now

टाइम्स ऑफ इण्डिया की रिपोर्ट के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय का बोलना है कि के कविता ने अन्य के साथ मिलकर दिल्ली शराब नीति में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के साथ मिलकर षड्यंत्र रची है. प्रवर्तन निदेशालय ने दिल्ली के सीएम केजरीवाल और पूर्व डिप्टी मुख्यमंत्री सिसोदिया को इस मुद्दे में सह साजिशकर्ता बनाया है.

रिपोर्ट में प्रवर्तन निदेशालय के बयान के हवाले से कहा गया, ‘भ्रष्टाचार और षड्यंत्र के जरिए… थोक विक्रेताओं से किकबैक्स के रूप में आप के लिए गैरकानूनी फंड्स की एक धारा प्रारम्भ की गई. के कविता और उनके सहयोगियों को आप को एडवांस में दिए क्राइम की आय भी वसूल करनी थी और इस पूरी षड्यंत्र से लाभ/अपराथ की आय बनाना था.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, कविता ने कथित तौर पर आप नेताओं को 100 करोड़ रुपये का भुगतान भी किया था. 45 वर्षीय कविता को शनिवार को हैदराबाद से अरैस्ट किया गया था. इससे पहले उनके घर की तलाशी भी ली गई थी. अगले ही दिन PMLA न्यायालय में पेश किए जाने के बाद उन्हें 23 मार्च तक के लिए प्रवर्तन निदेशालय की कस्टडी में भेज दिया गया था.

आप ने इन आरोपों का खंडन किया है. टीओआई के मुताबिक, आप ने कहा, ‘पहले भी प्रवर्तन निदेशालय ऐसे झूठे बयान दे चुकी है, जो दिखाता है कि निष्पक्ष जांच एजेंसी होने के बजाए, यह बीजेपी की सियासी विंग की तरह काम कर रही है.‘ पार्टी का बोलना है कि प्रवर्तन निदेशालय के इल्जाम केजरीवाल और सिसोदिया की छवि को खराब करने का कोशिश है.

जारी है प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई
केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय दिल्ली शराब नीति मुद्दे में दिल्ली, हैदराबाद, चेन्नई, मुंबई समेत कई शहरों में 245 स्थानों पर तलाशी कर चुकी है. वहीं, आप नेता सिसोदिया, संजय सिंह और विजय नायर समेत 15 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है.

Back to top button