केरल के राज्यपाल ने सीएम पिनाराई पर शारीरिक नुकसान पहुंचाने और हमला कराने का लगाया आरोप
कोच्ची: केरल के गवर्नर आरिफ मोहम्मद खान ने सोमवार (11 दिसंबर) को सीएम पिनाराई विजयन पर शारीरिक हानि पहुंचाने की षड्यंत्र का इल्जाम लगाते हुए उन पर धावा कराने का इल्जाम लगाया। यह इल्जाम सत्तारूढ़ CPI (M) की विद्यार्थी शाखा, स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इण्डिया (SFI) के कार्यकर्ताओं द्वारा कथित तौर पर गवर्नर के गाड़ी पर उस समय धावा करने के बाद आया, जब वह अंदर थे। गुस्से में दिख रहे आरिफ मोहम्मद खान ने दावा किया कि मुख्यमंत्री विजयन ने उन्हें शारीरिक रूप से हानि पहुंचाने के लिए लोगों को भेजने की षड्यंत्र रची।
राज्यपाल ने बोला कि, उनके गाड़ी को घेर लिया गया और कथित तौर पर मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रदर्शनकारियों ने काले झंडे लहराए और गाड़ी पर धावा किया। गवर्नर खान ने बोला कि, “क्या यह संभव है कि यदि मुख्यमंत्री का कार्यक्रम चल रहा है, तो प्रदर्शनकारियों वाली कारों को वहां जाने की अनुमति दी जाएगी? क्या वे (पुलिस) किसी को भी मुख्यमंत्री की कार के पास आने की इजाजत देंगे? यहां, प्रदर्शनकारियों की कारें वहां खड़ी थीं और पुलिस ने उन्हें उनकी गाड़ियों के अंदर धकेल दिया और वे भाग गये।’
गवर्नर खान ने बोला कि, “तो, यह मुख्यमंत्री हैं, मैं साफ रूप से कह रहा हूं, जो मुझे शारीरिक रूप से चोट पहुंचाने के लिए षड्यंत्र रच रहे हैं और इन लोगों को भेज रहे हैं। ‘गुंडों’ ने तिरुवनंतपुरम की सड़कों पर कब्जा कर लिया है।” राजभवन के एक सूत्र के अनुसार, खान पर तीन स्थानों पर काले झंडे लहराए गए और दो मौकों पर प्रदर्शनकारियों ने उनकी कार को भिड़न्त मार दी। दूसरी ओर, पुलिस ने बोला कि गवर्नर की वाहन को एसएफआई कार्यकर्ताओं ने सिर्फ़ एक स्थान रोका और विद्यार्थी संगठन के सात लोगों को अरैस्ट किया गया है।
कांग्रेस, UDF विपक्ष और बीजेपी ने भी कथित हमले के पीछे मुख्यमंत्री विजयन का हाथ होने का इल्जाम लगाया। उन्होंने इल्जाम लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। विपक्षी नेता वीडी सतीसन ने इसे राज्य के इतिहास में पहली बार ऐतिहासिक कहा और एसएफआई कार्यकर्ताओं के विरुद्ध मर्डर के कोशिश के आरोपों पर प्रश्न उठाया। कांग्रेस पार्टी ने घटना में कथित रूप से शामिल पुलिस ऑफिसरों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की।
भाजपा के राज्य प्रमुख के सुरेंद्रन ने दावा किया कि यह घटना पुलिस की मिलीभगत से हुई, जो राज्य में कानून-व्यवस्था के खराब होने का संकेत है। उन्होंने इल्जाम लगाया कि उच्चतम न्यायालय के हालिया फैसलों के कारण वामपंथी दल गवर्नर पर हमले का सहारा ले रहे हैं। यह रविवार को इसी तरह की घटना के बाद हुआ है जब एसएफआई कार्यकर्ताओं ने वज़ुथाकौड के पास गवर्नर पर काले झंडे लहराए थे। खान भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। विधानसभा में पारित लंबित विधेयकों पर फैसला लेने को लेकर गवर्नर खान और राज्य गवर्नमेंट के बीच ठन गई है।

