केशव प्रसाद ने इन दो शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कांग्रेस को घेरा
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले के संविधान में समाजवाद और धर्मनिरपेक्षता पर दिए बयान पर यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने समर्थन किया है. उन्होंने बोला कि आपातकाल के दरम्यान निरंकुश गवर्नमेंट ने संविधान की प्रस्तावना में संशोधन कर ‘धर्मनिरपेक्ष’ और ‘समाजवाद’ शब्द का इस्तेमाल करके कांग्रेस पार्टी ने खुलकर धर्मनिरपेक्षता आड़ ली.

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि आपातकाल के दरम्यान निरंकुश इंदिरा गवर्नमेंट ने संविधान की प्रस्तावना में संशोधन कर ‘धर्मनिरपेक्ष’ और ‘समाजवाद’ शब्द का इस्तेमाल करके कांग्रेस पार्टी ने खुलकर धर्मनिरपेक्षता की आड़ में तुष्टिकरण और समाजवाद की ओट लेकर छलावे के झुनझुने वाला खेल प्रारम्भ कर दिया था. लेकिन इसी दांव ने उसको हाशिए पर भी धकेल दिया जिससे वह अभी तक कराह रही है.
ज्ञात हो कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह-कार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले के संविधान की प्रस्तावना में शामिल समाजवादी तथा धर्मनिरपेक्ष शब्दों की समीक्षा पर विचार करने की बात से एक बार फिर राजनीतिक भूचाल आ गया है. इसे लेकर विपक्षी दल लगातार हमलावर हैं.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए बोला कि आरएसएस का नकाब फिर से उतर गया. संविधान इन्हें चुभता है क्योंकि वो समानता, धर्मनिरपेक्षता और इन्साफ की बात करता है. आरएसएस-भाजपा को संविधान नहीं, मनुस्मृति चाहिए. ये बहुजनों और गरीबों से उनके अधिकार छीनकर उन्हें दोबारा गुलाम बनाना चाहते हैं. संविधान जैसा शक्तिशाली हथियार उनसे छीनना इनका वास्तविक एजेंडा है. आरएसएस ये सपना देखना बंद करे. हम उन्हें कभी सफल नहीं होने देंगे. हर देशभक्त भारतीय अंतिम दम तक संविधान की रक्षा करेगा.

