राष्ट्रीय

भारत और इटली में एक साथ जारी है बवाल, जानें किन मुद्दों पर उछला मामला…

एक धार्मिक जुलूस, पुलिस के साथ मारपीट और बुलडोजर से गिराई गई कुछ इमारतें. पिछले कुछ वर्षों में इसी ऑर्डर के साथ हुई कुछ घटनाओं की बात कई बार सुन चुके होंगे. ये खबरें इतनी नॉर्मल हो चुकी हैं कि सोशल मीडिया पर इसे सेलिब्रेट और इसकी आलोचना करने वाले लोगों की तादाद काफी अधिक है. हिंदुस्तान के कई राज्यों से प्रदर्शन की फोटोज़ सामने आ रही हैं. बड़े बड़े जुलूस निकाले जा रहे हैं और आई लव मोहम्मद के बैनर रखे हैं. सोशल मीडिया पर ट्रेंड भी चल रहा है. लेकिन प्रश्न ये उठ रहा हैकि जुलूस निकाले जा रहे हैं, लेकिन बवाल क्यों मचाया जा रहा है. वैसे भी ये सारा बवाल ऐसे समय में हो रहा है, जब इटली में भी 10 शहरों में अत्याचार हो रही है. यानी एक तरफ जॉर्जिया मेलोनी के इटली को भी जलाने की षड्यंत्र हो रही है. दूसरी तरफ हिंदुस्तान के कई शहरों को भी निशाने पर लिया जा रहा है. चाहे वो बनारस, उत्तराखंड हो या फिर कहीं और भिन्न भिन्न स्थान से जो फोटोज़ सामने आ रही हैं. हिजाब पहनकर लड़की आई लव मोहम्मद का बैनर लिए नजर आ रही है.

Modi meloni
WhatsApp Group Join Now

इटली के 10 शहरों में हिंसा

इटली में हजारों लोग हिंसक विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. कहा जा रहा है कि पीएम जॉर्जिया मेलोनी की गवर्नमेंट ने फिलिस्तीन को आजाद राष्ट्र की मान्यता देने से इनकार कर दिया है. जिसके बाद रोम, मिलान, बोलोग्ना, फ्लोरेंस, नेपल्स और पलेर्मो जैसे शहरों में हज़ारों लोग सड़कों पर उतर आए. जेनोआ और लिवोर्नो में बंदरगाहों को अवरुद्ध कर दिया, जबकि बोलोग्ना में प्रदर्शनकारियों ने पानी की बौछारों से तितर-बितर होने से पहले एक मोटरवे को कुछ देर के लिए बंद कर दिया. सबसे बड़ी भीड़ मिलान और राजधानी रोम में दिखाई दी. रोम में भी हजारों लोगों ने इकट्ठा होकर फ्री फिलिस्तीन के नारे लगाए. उन्होंने यहां अमेरिकी झंडा भी जलाया.

प्रदर्शन पर मेलोनी ने जानें क्या कहा

इटली के पीएम जियोर्जिया मेलोनी ने  इटली भर में हुए फ़िलिस्तीनी समर्थक प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसक घटनाओं की निंदा करते हुए बोला कि कुछ प्रदर्शनकारियों की हरकतों का एकजुटता से कोई लेना-देना नहीं है. मेलोनी ने एक्स पर अपने पोस्ट में बोला कि मेलोनी ने मिलान के केंद्रीय रेलवे स्टेशन पर हुई झड़पों पर नाराज़गी जताई, जहाँ प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर चीज़ें फेंकी और खिड़कियाँ तोड़ दीं, जिसके बाद पुलिस को आँसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा. मिलान से अपमानजनक फोटोज़ आ रही हैं. रेलवे स्टेशन पर उत्पात मचाते हैं और क़ानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ झड़पें भड़काते हैं. मेलोनी ने आगे बोला कि अत्याचार और विनाश का एकजुटता से कोई लेना-देना नहीं है और इससे गाजा में लोगों के जीवन में कोई परिवर्तन नहीं आएगा.

आई लव मुहम्मद नारे पर हिंदुस्तान में क्यों मचा बवाल

आई लव मोहम्मद इस्लाम के पैंगबर से अपने प्यार का इजहार करते ये तीन शब्द पिछले कुछ दिनों से विवादित बन गए हैं. कहीं ये शब्दे अत्याचार से जुड़ गए तो कहीं एफआईआर और गिरफ्तारियों से. कानपुर से प्रारम्भ हुआ ये ट्रेंड अब देशभर में पहुंच गया है और जब ये ट्रेंड उत्तराखंड के काशीपुर में पहुंचा तो पुलिस के साथ हाथापई के वीडियो सामने आए. उसके बाद मुसलमान पक्ष की गिरफ्तारियां हुई और लोगों के द्वारा कथित गैरकानूनी कब्ज़ा पर बुल़़डोजर एक्शन हुआ. शहरों में कई स्थान आपने आई लव के बाद शहरों के नाम, इलाकों के नाम या राज्यों के नाम देखे ही होंगे. आई लव दिल्ली, कहीं आई लव गाजियाबाद तो कहीं आई लव मुंबई नजर आ ही जाएंगे. लेकिन जब 4 सितंबर को बारा बफात का जुलूस निकाला जाना था तब वहां इस आई लव के आगे मोहम्मद लिखा गया.

कानपुर से उत्तराखंड और गुजरात तक फैला विवाद

हिंदू पक्ष को विरोध हुई और पुलिस ने बीच बचाव किया. एफआई दर्ज हुई औऱ राष्ट्र के मुसलमानों के पास मैसेज गया कि एफआईआर आई लव मोहम्मद लिखने की वजह से हुई है. पुलिस इस बात से इनकार कर रही है. इसके बाद राष्ट्र में लगभग प्रत्येक दिन आई लव मोहम्मद के बैनर के साथ मुसलमान पक्ष के लोग जुलूस निकाल रहे हैं. लगभग उनके विरुद्ध एफआईआर भी दर्ज हो रही है. कानपुर, बरेली, उन्नाव, काशीपुर, मुंबई, गोधरा, लखनऊ, महाराजगंज, कौशांबी और भी कई शहरों का नाम इसमें शामिल है. काशीपुर में इन जुलूसों में हुई हिंसक झड़प ने कई प्रश्न भी खड़े किए हैं. हिंदू पक्ष इसे उन्माद बता रहा है. मुसलमान पक्ष कह रहा है कि उन्हें अपने धर्म को फॉलो करने से रोका जा रहा है.

पुलिस को धमकी का वीडियो वायरल

महाराष्ट्र के नागपुर के मोमिनपुरा और दिघोरी इलाकों में बड़ी संख्या में लोग जमा हुए. उन्होंने मस्जिदों पर ‘आई लव मुहम्मद’ के पोस्टर लगाए और नारे लगाए. वहीं, बरेली में 22 सितंबर को किला पुलिस स्टेशन के क्षेत्र से ‘आई लव मुहम्मद’ पोस्टर हटाने पर इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल के लीडर नफीस का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. वीडियो में नफीस किला SHO सुभाष कुमार को धमकी देते दिखे. उन्होंने कहा, ‘मैंने इंस्पेक्टर को चेतावनी दी थी कि मैं उसका हाथ काट दूंगा, उसकी वर्दी उतार दूंगा.

फिक्सड पैटर्न के जरिए हिंदुस्तान के राज्यों को अशांत करने की कोशिश?

कोई कॉर्डिनेटेड शक्ति है जो सभी को कार्डिनेट कर रही है. एक फिक्सड पैटर्न है. हाथों में बैनर लेकर निकलते हैं औऱ पेट्रोलिंग पर पुलिसवाले से हाथापाई होती है और आपत्तिजनक नारे लगाए जाते हैं. मोहम्मद से प्यार करने का मतलब ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को पीटना कब से हो गया. हर शहर में  लगभग एक जैसा पैटर्न है. यानी कोई तो ऐसी शक्ति है इनके पीछे जो ये सब करवा रही है. मजहब की आड़ में बैकडोर प्लांटिग के जरिए जज्बाती लोगों को आगे कर दिया जाता है. ऐसा नहीं है कि ये केवल हिंदुस्तान में हो रहा है. हिंदुस्तान में आई लव मोहम्मद के नाम पर हो रहा है. इटली में फिलिस्तीन के नाम पर हो रहा है. कई राष्ट्रों में भिन्न भिन्न नाम पर कोई न कोई मूवमेंच चल रहा है.

Back to top button