जानें, पीएम मोदी से मिलने के बाद क्या थे तुलसी गबार्ड के बोल…
अमेरिका की राष्ट्रीय खुफिया निदेशक (डीएनआई) तुलसी गबार्ड ने एक्स पोस्ट में लिखा कि वह अमेरिका-भारत संबंधों को मजबूत करने के लिए तत्पर हैं.

तुलसी गबार्ड ने शुक्रवार (स्थानीय समयानुसार) को एक्स पोस्ट के माध्यम से माना कि पीएम मोदी का अमेरिका में स्वागत करना सम्मान की बात थी. उन्होंने लिखा, हिंदुस्तान के पीएम मोदी का अमेरिका में स्वागत करना सम्मान की बात है और मैं अमेरिका-भारत मित्रता को और मजबूत बनाने के लिए तत्पर हूं.
गबार्ड ने यह टिप्पणी प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के उस पोस्ट के उत्तर में की, जिसमें उन्होंने अपनी अमेरिका यात्रा के दौरान गबार्ड से मुलाकात की चर्चा की.
वाशिंगटन डीसी में अमेरिका की राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड से मुलाकात की. उनकी नियुक्ति पर उन्हें शुभकामना दी. भारत-अमेरिका मित्रता के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की, जिसकी वह हमेशा से प्रबल समर्थक रही हैं.
गबार्ड हाल ही में संपन्न हुई अपनी यात्राओं के दौरान पीएम से मिलने वाली पहली प्रमुख शख्सियत थीं. उन्होंने बुधवार शाम को ब्लेयर हाउस में उनसे मुलाकात की थी. गबार्ड, अमेरिका की नयी शीर्ष खुफिया प्रमुख हैं.
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के सदस्य के रूप में, डेमोक्रेट के रूप में, वह इण्डिया कॉकस की सह-अध्यक्ष थीं और उन्होंने पीएम के साथ संबंध काफी अच्छे रहे हैं. यही वजह कि प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2015 में हवाई में उनकी विवाह पर एक दूत के माध्यम से तोहफे भेजे थे.
ट्रंप कैबिनेट में, वास्तव में, इण्डिया कॉकस के दो पूर्व सह-अध्यक्ष हैं. दूसरे हैं राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइक वाल्ट्ज, जो पिछले कार्यकाल में रिपब्लिकन राजनेता के रूप में प्रतिनिधि सभा के सदस्य थे और डेमोक्रेट रो खन्ना के साथ कॉकस के सह-अध्यक्ष भी थे.
वाल्ट्ज पीएम से मिलने वाले दूसरे अहम शख्स थे. उनकी यात्रा के तुरंत बाद स्पेसएक्स और टेस्ला के अरबपति मालिक एलन मस्क अपने परिवार के साथ पीएम से मिले थे, जिसमें उनका पांच वर्षीय बेटा एक्स भी शामिल था. विवेक रामास्वामी पीएम के ब्लेयर हाउस पहुंचने वाले तीसरे हाई-प्रोफाइल विजिटर थे.

