जानें, Priyanka Gandhi ने अपने भाषण में लिया किसका नाम…

2021 की घटना
प्रियंका गांधी ने आगरा से जिस अरुण वाल्मिकी का जिक्र किया, उनकी पुलिस हिरासत में मृत्यु हो गई। वर्ष 2021 में इस मुद्दे ने काफी तूल पकड़ लिया था। प्रियंका 21 अक्टूबर 2021 को पीड़ित परिवार से मिलने आगरा गईं थीं। इससे पहले उनकी पुलिस से झड़प भी हुई। पुलिस कानून-व्यवस्था का हवाला देकर उन्हें आगरा जाने से रोक रही थी, लेकिन बाद में उन्हें ऐसा करने की इजाजत दे दी गई।
क्या था पूरा मामला?
अरुण वाल्मिकी पेशे से सफाईकर्मी थे और आगरा के जगदीशपुरा पुलिस स्टेशन के मालखाने (जहां पुलिस द्वारा बरामद किया गया सामान रखा जाता है) में काम करते थे. 17 अक्टूबर को यहां से 25 लाख रुपये की चोरी हुई थी, जिसका इल्जाम अरुण पर लगा था। इसके बाद पुलिस ने अरुण को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने अपने बयान में कहा, अरुण की तबीयत अचानक खराब हो गई, उन्हें हॉस्पिटल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. वहीं पीड़ित परिवार ने हिरासत में हाथापाई का इल्जाम लगाया था।
वह घटना भूली नहीं है
पुलिस हिरासत में मृत्यु के इस मुद्दे पर काफी हंगामा हुआ था। पुलिस पर परिवार के अन्य सदस्यों के साथ हाथापाई करने का भी इल्जाम लगाया गया। प्रियंका रात 11 बजे पीड़ित परिवार से मिलने पहुंची थीं। बतौर सांसद अपने पहले भाषण में उन्होंने अरुण वाल्मिकी का जिक्र कर यह जताने की प्रयास की है कि वह उस घटना को भूली नहीं हैं।
इस तरह संसद पहुंची
राहुल गांधी के वायनाड सीट से त्याग-पत्र देने से प्रियंका गांधी के लोकसभा पहुंचने का रास्ता खुला। दरअसल, लोकसभा चुनाव में राहुल ने रायबरेली और वायनाड दोनों सीटों से जीत हासिल की थी। नियमों के अनुसार उन्हें एक सीट से त्याग-पत्र देना पड़ा। वायनाड से उनके इस्तीफे के बाद यहां उपचुनाव हुए, जिसमें प्रियंका गांधी ने जीत हासिल की। उन्हें कुल 4 लाख वोट मिले।

