जानें, किस आधार से विकसित हुआ था वक्फ का हिंदी तात्पर्य…
वक्फ संशोधन विधेयक पर लोकसभा में चर्चा जारी है. इस दौरान लोकसभा में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बोला कि वक्फ में गैर इस्लामिक लोग नहीं होंगे. लेकिन वक्फ बोर्ड और परिषद अलग हैं. इस बीच चलिए आपको बताते हैं कि वक्फ का मतलब हिंदी में क्या होता है. बता दें कि वक्फ का मतलब हिंदी में होता है रोकना या समर्पित करना.

ये एक अरबी शब्द है, जिसका इस्तेमाल इस्लामिक संदर्भ में किया जाता है. वक्फ का वास्तविक अर्थ है किसी चीज को, जैसे- जमीन, घर या संपत्ति को अल्लाह के नाम पर हमेशा के लिए दान कर देना, ताकि समाज के लोगों को इसका लाभ मिल सके. वक्फ की संपत्ति को ना ही बेचा जा सकता है और ना ही बांटा जा सकता है, साथ ही इन संपत्तियों का निजी लाभ के लिए भी इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है.
वक्फ का हिंदी मतलब
वैसे तो कुरान शरीफ में वक्फ जैसे किसी शब्द का जिक्र नहीं है. हालांकि इस्लामिक धार्मिक ग्रंथों में जकात, सदका जैसे शब्दों की चर्चा जरूर की गई है. इसी तरह का एक शब्द है जकात ए सदका. वक्फ इसी जकात ए सदका के विचारों पर आधारित है. वहीं यदि वक्फ शब्द के उत्पत्ति की बात करें तो वक्फ शब्द की उत्पत्ति अरबी शब्द वकूफा से हुई है, जिसका अर्थ है रोकना, पकड़ना या बांधना. इतिहास में जाएं तो यो पता चलता है कि खलीफा उमर ने खैबर में एक जमीन का टुकड़ा खरीदा और फिर पैगंबर मोहम्मद से पूछा कि इसका सबसे अच्छा इस्तेमाल कैसे किया जा सकता है?
वक्फ का इतिहास
इस प्रश्न के उत्तर में पैगंबर मोहम्मद ने कहा, ‘संपत्ति को बांधों और उसका इस्तेमाल मानव कल्याण के लिए करो और इसे बचा या उपहार या विरासत का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए. इस जमीन से पैदा होने वाली उपज अपने बच्चों, अपने रिश्तेदारों, गरीबों और अल्लाह के मार्ग में समर्पित करो.‘ यानी आसान भाषा में कहें तो इस्लाम को मानने वाले आदमी द्वारा चल या अचल संपत्ति को मुसलमान कानून द्वारा पवित्र, धार्मिक या धर्मार्थ के रूप में मान्यता प्राप्त किसी भी उद्देश्य के लिए स्थायी रूप से समर्पित कर देना वक्फ कहलाता है. बता दें कि इसी वक्फ को लेकर लोकसभा में आज चर्चा की जा रही है.

