जानें, किसके पक्ष में काम करती थीं स्मृति ईरानी…
smriti irani news in hindi : कांग्रेस ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ बीजेपी नेता स्मृति ईरानी को अमेरिकी एजेंसी की एजेंट करार दिया. पार्टी ने इल्जाम लगाया कि स्मृति अरबपति जॉर्ज सोरोस के लिए काम कर चुकी है. स्मृति पर कांग्रेस पार्टी के आरोपों पर बवाल मच गया. बीजेपी ने भी इस पर पलटवार करने में देर नहीं की.

कांग्रेस नेता प्रियांक खड़गे ने मंगलवार को एक सरकारी डॉक्यूमेंट का स्क्रीनशॉट शेयर किया जिसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का बायो था. डॉक्यूमेंट में लिखा है कि टीवी अभिनेता से नेता बनीं स्मृति ईरानी ने राजनीति में कदम रखने से पहले WHO-ORS प्रोग्राम के लिए हिंदुस्तान में यूएसएआईडी गुडविल एंबेसडर के रूप में काम किया था. क्या इसका मतलब यह है कि बीजेपी के नेता जॉर्ज सोरोस के वास्तविक एजेंट हैं?
प्रियांक खड़गे की पोस्ट को रीट्वीट करते हुए कांग्रेस पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा ने बोला कि यह बढ़िया है. आखिरकार हमारे पास भाजपा के पसंदीदा सवाल- रसोड़े में कौन था का उत्तर है? जॉर्ज सोरोस की वास्तविक एजेंट स्मृति ईरानी निकलीं.
इस बीच बीजेपी आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने बोला कि स्मृति ईरानी 2002 से 2005 के बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा ORS गुडविल ब्रांड एंबेसडर नियुक्त की गई थीं और उस दौरान 2004-05 में कांग्रेस पार्टी की प्रतिनिधित्व वाली यूपीए गवर्नमेंट सत्ता में थी. उन्होंने बोला कि उस समय स्मृति ईरानी ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ सीरियल की वजह से घर-घर में पहचानी जाती थीं. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने उन्हें इस कार्यक्रम का प्रचार करने के लिए चुना था.
मालवीय ने बोला कि जब यह कार्यक्रम चल रहा था, तब दिल्ली की सीएम शीला दीक्षित थीं और पवन खेड़ा उनके सहायक थे, जो सिर्फ़ उनके चप्पल और बैग उठाने का काम करते थे.
गौरतलब है कि कई राष्ट्रों में गवर्नमेंट ने अमेरिकी अरबपति जॉर्ज सोरोस और उनकी ओपन सोसाइटी फाउंडेशन को तानाशाही फैलाने वाला करार दिया है.

