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नेशनल हेराल्ड मामले को लेकर राऊज एवेन्यू कोर्ट में होगी अगली चर्चा, जानें पूरा शेड्यूल

नेशनल हेराल्ड करप्शन मुद्दे में शनिवार को राऊज एवेन्यू न्यायालय में होने वाली सुनवाई टाल दी गई है. इस मुद्दे की अगली सुनवाई अब 18 अक्टूबर को निर्धारित की गई है.

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यह मुद्दा बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी की ओर से दाखिल एक कम्पलेन पर आधारित है, जिसमें उन्होंने कांग्रेस पार्टी नेताओं पर गंभीर इल्जाम लगाए हैं. स्वामी का इल्जाम है कि 2 हजार करोड़ रुपए की नेशनल हेराल्ड कंपनी को मात्र 50 लाख रुपए में हासिल किया गया. उन्होंने इसे गैरकानूनी और फर्जीवाड़ा करार दिया है.
सुब्रमण्यम स्वामी ने अपनी याचिका में कांग्रेस पार्टी नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी समेत अन्य वरिष्ठ कांग्रेस पार्टी नेताओं के विरुद्ध आपराधिक केस चलाने की मांग की है. उन्होंने इल्जाम लगाया कि इस सौदे के जरिए कांग्रेस पार्टी पार्टी की सहयोगी कंपनी यंग भारतीय ने नेशनल हेराल्ड की संपत्तियों पर गैरकानूनी कब्जा किया.
इस मुद्दे में सोनिया गांधी और राहुल गांधी को न्यायालय से जमानत मिल चुकी है.

उल्लेखनीय है कि नेशनल हेराल्ड समाचार पत्र की स्थापना 1938 में जवाहरलाल नेहरू ने की थी. इस समाचार पत्र को एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) द्वारा प्रकाशित किया जाता था. साल 2008 में वित्तीय संकट के बाद इसे बंद करना पड़ा, जहां से इस टकराव की आरंभ हुई. वर्ष 2010 में यंग इण्डिया प्राइवेट लिमिटेड (वाईआईएल) नाम की कंपनी बनी, जिसमें सोनिया और राहुल गांधी की 38-38 फीसदी की हिस्सेदारी है.
भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने वर्ष 2012 में इल्जाम लगाया कि यंग इण्डिया प्राइवेट लिमिटेड ने एजेएल की 2,000 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्तियों को मात्र 50 लाख रुपए में हासिल किया और उन्होंने फर्जीवाड़ा और मनी लॉन्ड्रिंग का इल्जाम लगाया. मुद्दा न्यायालय में भी गया और बाद में प्रवर्तन निदेशालय ने इसकी जांच प्रारम्भ की.

ईडी की जांच में सामने आया कि गांधी परिवार द्वारा लाभान्वित यंग भारतीय ने सिर्फ़ 50 लाख रुपए में एजेएल की 2,000 करोड़ रुपए की संपत्तियां हासिल कीं, जबकि उनकी बाजार मूल्य कहीं अधिक थी. नवंबर 2023 में प्रवर्तन निदेशालय ने करीब 661 करोड़ रुपए की अचल संपत्तियां और 90.2 करोड़ रुपए के एजेएल शेयरों को बरामद किया, जिन्हें कथित तौर पर क्राइम की आय माना गया है

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