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जानें नवरात्रि पर मौसम के रुख को लेकर क्या बोली आईएमडी, देखें लेटेस्ट अपडेट…

गुजरात समेत देशभर में सोमवार से प्रारम्भ हो रहे नवरात्रि महोत्सव की तैयारियों के बीच बेमौसम बारिश ने पानी फेर दिया है. जहां लाखों श्रद्धालु गरबा और डांडिया की रौनक के लिए तैयार हो रहे थे तो वहीं मौसम विभाग ने कई जिलों में बारिश की चेतावनी जारी की है.

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दक्षिण गुजरात के जिन जिलों के लिए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है, उनमें भरूच, नर्मदा, सूरत, तापी, नवसारी और वलसाड शामिल हैं. इन जिलों में सोमवार को नवरात्रि के पहले दिन कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की आसार जताई गई है.

रविवार को हुई बारिश ने कई इलाकों में गरबा स्थलों पर जलभराव की स्थिति पैदा कर दी. भरूच के हांसोट में सुबह 6 बजे से दोपहर 2 बजे तक करीब 1.5 इंच बारिश दर्ज की गई.

इसी तरह नवसारी और चिखली में भी बारिश की खबरें आईं, जबकि खेड़ा, आणंद, सूरत, तापी, वडोदरा और वलसाड में भी छिटपुट वर्षा दर्ज की गई.

गरबा आयोजकों का बोलना है कि मैदानों में पानी भरने से तैयारियों में परेशानी आ रही है. यदि आनें वाले दिनों में बारिश जारी रहती है तो यह नवरात्रि के उत्सव में खलल डाल सकती है.

इसी बीच, रविवार को अमरेली में सहकारी संस्थाओं के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल ने पीएम मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को दोहराया.

उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी ने बोला है कि चाहे ‘चिप’ हो या ‘शिप’, हमें हिंदुस्तान में ही निर्माण करना होगा. यह समय है कि हम स्वदेशी वस्तुओं को अपनाएं और वोकल फॉर लोकल को गति दें.

सीएम पटेल ने नवरात्रि और दिवाली के मौके पर लोगों से भारतीय उत्पादों को अहमियत देने की अपील की. उन्होंने दुकानदारों से आग्रह किया कि वे स्त्री स्वयं सहायता समूहों और सखी मंडलों के हस्तनिर्मित सामान को बढ़ावा दें.

गुजरात में नवरात्रि, राज्य के सबसे जीवंत और व्यापक रूप से मनाए जाने वाले त्योहारों में से एक है, जिसे वैश्विक मान्यता प्राप्त हो गई है तथा यूनेस्को ने इसके सांस्कृतिक महत्व को स्वीकार किया है.

देवी दुर्गा को समर्पित नौ दिवसीय इस उत्सव में लाखों श्रद्धालु गुजरात भर में पारंपरिक गरबा और डांडिया प्रदर्शन, रंगारंग जुलूस और सामुदायिक अनुष्ठानों में भाग लेते हैं.

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