जानें, कोटा विश्वविद्यालय में संविदाकर्मियों ने क्यों चुना प्रदर्शन का मार्ग…
कोटा यूनिवर्सिटी के संविदाकर्मियों ने मंगलवार को वेतन और एरियर भुगतान में देरी को लेकर पांच घंटे तक कार्य बहिष्कार किया. यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट पर हुए इस विरोध प्रदर्शन में कर्मचारियों ने प्रशासन पर ढिलाई का इल्जाम लगाया और जल्द से जल्द वेतन जारी करने की मांग की

संविदा कर्मचारी अर्जुन सिंह ने कहा कि उन्हें समय पर वेतन नहीं मिल रहा, जबकि कुलपति को पहले ही इस संबंध में ज्ञापन सौंपा जा चुका था. एक महीने बीतने के बाद भी जनवरी का वेतन नहीं आया और एरियर फाइलें लंबित पड़ी हैं. इससे कर्मचारियों में भारी रोष है.
छात्र नेता शुभम नागर और अवधेश सिंह भी संविदाकर्मियों के समर्थन में आए और प्रशासन के रवैये की निंदा की. उन्होंने बोला कि यूनिवर्सिटी के 216 संविदाकर्मियों को वेतन नहीं मिला, जो उनके जीवनयापन पर गंभीर असर डाल रहा है.
प्रदर्शन के बाद कुलपति कैलाश सोडाणी ने संविदाकर्मियों से मुलाकात कर उनकी मांगों पर सहमति जताई. उन्होंने आश्वासन दिया कि अगले 10 दिनों में सभी कर्मचारियों के खाते में वेतन आ जाएगा और एरियर का भी जल्द भुगतान किया जाएगा. इस आश्वासन के बाद संविदाकर्मियों ने शाम 3 बजे स्ट्राइक खत्म कर दी.
बार-बार वेतन में देरी और एरियर की फाइलें अटकी रहने से कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है. यदि प्रशासन ने समय पर निवारण नहीं किया, तो संविदाकर्मियों ने फिर से स्ट्राइक की चेतावनी दी है.

