जेपी नड्डा पर टिप्पणी सत्य और तथ्य से परे – महाजन
शिमला. भाजपा के राज्य सभा सांसद हर्ष महाजन ने बोला कि कांग्रेस पार्टी नेता बंबर ठाकुर पूरी तरह से बौखला गए है, जब पुलिस, प्रशासन और जनता मान ही गई है कि वही बिलासपुर गोलीकांड के मास्टरमाइंड है और उनका बेटा इस काण्ड में पूरी तरह सम्मिलित है तो उसके बाद प्रश्न चिन्ह उठाने का तो प्रश्न ही नहीं पैदा होता और जिस प्रकार से बंबर ठाकुर बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के बारे में टिप्पणी कर रहे हैं वह सत्य और तथ्य से परे है.

उन्होंने बोला कि जेपी नड्डा की छवि खराब करने का कोशिश कर रहे हैं और कुछ भी नहीं. उनको लगता है कि जनता का ध्यान भटकाकर, असत्य की दुकान खोलकर अपनी काली छवि को साफ कर सकते हैं, पर कांग्रेस पार्टी के नेता पूरी तरह एक्सपोज हो चुके हैं. अब तो कोई प्रश्न ही नहीं उठाता जिससे यह साबित हो सके कि कांग्रेस पार्टी की नेता स्वच्छ छवि के है, आज से पहले बिलासपुर में जितना भी सामाजिक वातावरण खराब था तो वह सिर्फ़ इसी कांग्रेस पार्टी के नेता की वजह से हुआ है. इनके ऊपर कुल मिलाकर 30 अपराधिक मुद्दे चल रहे हैं, यह खनन माफिया, चिट्टा माफिया, नशा माफिया, ऑनर किलिंग, तस्करी, गुंडागरी, मार कुटाई जैसे सभी माफिया और ऑर्गेनाइज्ड अपराध के मुखिया है.
महाजन ने बोला की बिलासपुर एसपी विवेक चहल ने अपने शब्दों में कहा कि पूर्व विधायक बंबर ठाकुर के बेटे ने हाई कोर्ट में जमानत के लिए अर्जी लगाई थी, लेकिन याचिका रद्द हो गई है. पुलिस का मानना है कि पूर्व विधायक बंबर ठाकुर का बेटा पुरंजन गोलीकांड का मुख्य आरोपी है, पुलिस गिरफ्तारी के लिए आरोपी की तलाश कर रही है. वहीं, मुद्दे में पुलिस ने एक और गिरफ्तारी की है, बैहना जट्टा के पुरुष गौरव को अरैस्ट किया गया है. बीते दिन अरैस्ट शूटर सन्नी गिल 15 जून से गौरव के साथ उसके पिता के सरकारी आवास पर रह रहा था, शूटर ने अरैस्ट होने के बाद पूछताछ में बंबर ठाकुर के बेटे का नाम लिया है. जब शूटर ने ही नाम ले लिया तो उसके बाद तो कार्यवाही और अधिक मजबूत हो जाती है.
भाजपा मांग करती है कि प्रशासन एवं गवर्नमेंट गुनेहगार के ऊपर कड़ी से कड़ी कार्यवाही करें और कार्यवाही में गति एवं तेजी लाए. आज से पहले हिमाचल प्रदेश के इतिहास में कभी ऐसा नहीं हुआ, कांग्रेस पार्टी नेताओं ने हिमाचल प्रदेश का पूरा वातावरण बिगाड़ दिया है. देवभूमि एवं शांतिप्रिया प्रदेश में ऐसी अत्याचार घटनाएं शोभनीय नहीं है.

