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Maharashtra Politics: आधी रात में अचानक मंत्री से क्यों मिले देवेंद्र फडणवीस…

Maharashtra Politics: महाराष्ट्र की राजनीति में ऐसा लगता है कि पक्ष-विपक्ष की दूरी समाप्त हो गई है राज्य की देवेंद्र फडणवीस गवर्नमेंट सहयोगियों से अधिक विरोधियों पर मेहरबान दिख रहे हैं विरोधी भी मुख्यमंत्री की प्रशंसा करते नहीं थक रहे हैं ऐसे में हर कोई यही प्रश्न कर रहा है अब समाचार है कि शरद पवार की एनसीपी के दो अहम विधायकों जयंत पाटिल और उत्तम जानकर की सेवा में सरकारी अधिकारी लगा दिए गए हैं

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दरअसल, यह बात सामने आई है कि देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महायुति गवर्नमेंट विपक्षी दलों के खास नेताओं पर विशेष नजर रख रही है क्योंकि महायुति के मंत्रियों के पीए, पीएस और ओएसडी के बाद अब समाचार आ रही है कि शरद पवार के दो विधायकों को भी सरकारी पीए उपलब्ध कराए गए हैं ऐसे में प्रश्न उठता है कि क्या ये दोनों विधायक महायुति के संपर्क में हैं?

इन ऑफिसरों की हुई तैनाती
जयंत पाटिल के अधीन उद्योग, ऊर्जा और श्रम विभाग के सहायक सेल अधिकारी गौरव भोसले को नियुक्त किया गया है औद्योगिक विभाग सेल अधिकारी संजय पाटिल भी जयंत पाटिल की सेवा में रहेंगे हालांकि इन दोनों ऑफिसरों को वेतन गवर्नमेंट से मिलेगा, लेकिन यह जयंत पाटिल के आदेश पर होगा दिलचस्प यह है कि यह नियुक्ति अजित पवार की पार्टी एनसीपी के राज्य मंत्री इंद्रनील नाइक ने की है फिर प्रश्न यह है कि शरद पवार की पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष को अजित पवार के मंत्री की ओर से विशेष सुविधा क्यों दी जा रही है?

सूत्रों के मुताबिक जयंत पाटिल के साथ-साथ शरद पवार की पार्टी के विधायक और ईवीएम के विरुद्ध प्रदर्शन करने वाले उत्तम जानकर को भी गवर्नमेंट की ओर से विशेष सुविधा दी जा रही है गवर्नमेंट के ग्रामीण विकास विभाग के एक अधिकारी को उत्तम जानकर की सेवा में निजी सहायक के रूप में नियुक्त किया गया है तो फिर गवर्नमेंट शरद पवार की पार्टी के विधायकों पर इतनी मेहरबान क्यों है? यह प्रश्न अब पूछा जा रहा है

सभी ने साधी चुप्पी
हालांकि जयंत पाटिल स्वयं और बीजेपी के मंत्री फिलहाल इस बारे में बात करने से बच रहे हैं, लेकिन विश्वसनीय सूत्रों से समाचार मिल रही है कि ये नियुक्तियां योग्यता के आधार पर की गई हैं जबकि जयंत पाटिल के बीजेपी के संपर्क में होने की चर्चा पहले से ही है इसका क्या मतलब है कि अब उनकी सुरक्षा के लिए विशेष सरकारी अधिकारी तैनात कर दिए गए हैं? इस बात से मना नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में यह बात साफ हो जाएगी लेकिन फिलहाल सरकारी स्तर पर कोई भी इस बारे में बात करने को तैयार नहीं है

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