मल्लिकार्जुन खरगे ने आज पार्टी नेताओं को अनुशासन में रहने की दी नसीहत
हैदराबाद: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) ने रविवार को पार्टी नेताओं को अनुशासन में रहने की नसीहत दी और बोला कि वे एकजुट रहें तथा अपने पर्सनल मतभेदों को दूर रखकर कांग्रेस पार्टी की कामयाबी को अहमियत दें और ऐसा कुछ नहीं करें, जिससे पार्टी को हानि हो।
खरगे ने पार्टी की विस्तारित कार्य समिति की बैठक में कांग्रेस पार्टी नेताओं से आनें वाले चुनावों के लिए तैयार रहने की अपील करते हुए बोला कि राष्ट्र में परिवर्तन के संकेत हैं और कर्नाटक एवं हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनाव के नतीजे इस बात का प्रमाण हैं। खरगे ने ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ के मामले को लेकर मोदी गवर्नमेंट पर निशाना साधा और बोला कि उसने अपने एजेंडे को पूरा करने के लिए इस विषय पर समिति बनाई, जिसकी अध्यक्षता पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को सौंप दी।
उन्होंने विस्तारित कार्य समिति की बैठक में कहा, ‘‘यह आराम से बैठने का समय नहीं है। दिन-रात मेहनत करनी होगी। हम सभी के जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, पर हमें हमेशा अनुशासन में ही रहना चाहिए।” कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष ने पार्टी नेताओं का आह्वान किया, ‘‘यह ध्यान रखें कि हम अहं या अपनी वाहवाही के लिए ऐसा कुछ न करें, जिससे पार्टी का हानि हो। अनुशासन के बगैर कोई नेता नहीं बनता। हम स्वयं अनुशासन में रहेंगे, तभी लोग हमारा अनुकरण करेंगे, हमारी बात मानेंगे।”
उन्होंने राष्ट्र के प्रथम पीएम पंडित जवाहरलाल नेहरू के हैदराबाद में ही 1953 में दिए उस वक्तव्य का उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने अनुशासन की भावना पर बल दिया था। खरगे ने कहा, ‘‘कर्नाटक में हम एकजुट रहे, जिसका नतीजा सबने देखा।” उन्होंने पार्टी नेताओं से बोला कि लोकतंत्र को बचाने के मकसद से केंद्र की ‘‘तानाशाह सरकार” को सत्ता से हटाने के लिए पूरी ताकत झोंकनी होगी।
कांग्रेस अध्यक्ष ने इल्जाम लगाया कि मोदी गवर्नमेंट जनता के मूलभूत मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए, नए-नए मसले लाकर ध्यान भटकाने की राजनीति करती है। उन्होंने कहा, ‘‘जिन राज्यों में हमारी गवर्नमेंट हैं, उनके अच्छे कामों को प्रचारित करना है। हमें यह भी बताना है कि केंद्र गवर्नमेंट कैसे हमारी सरकारों की प्रगति में रोड़े डालती है। जहां हम विपक्ष में हैं, वहां हमें सत्तारूढ़ दल की खामियों और जनविरोधी नीतियों को बेनकाब करना है।”
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘‘अगले दो-तीन महीनों में पांच राज्यों के चुनाव तय हैं। लोकसभा चुनाव महज़ छह महीने दूर हैं। जम्मू और कश्मीर में भी विधानसभा चुनाव हो सकते हैं, हमें ये भी ध्यान रखना होगा।” खरगे ने कांग्रेस पार्टी नेताओं से कहा, ‘‘छत्तीसगढ़ और राजस्थान में हमारी राज्य सरकारों ने सामाजिक इन्साफ का नया मॉडल बनाया है। इसके बारे में हमें पूरे राष्ट्र को बताना है।”
उन्होंने बोला कि कांग्रेस पार्टी ने चुनावों की तैयारियां प्रारम्भ कर दी हैं और इसी क्रम में पिछले दो महीनों में 20 राज्यों के पदाधिकारियों और प्रमुख नेताओं के साथ विस्तार से बैठक कर वहां की रणनीति बनाई गई है। खरगे ने पार्टी नेताओं का आह्वान किया, ‘‘हमें मतदाताओं के साथ लगातार संपर्क में रहना है। उनके प्रश्नों का उत्तर देना है। विरोधियों द्वारा फैलाई जा रही झूठी बातों की हमें तुरंत काट करनी है। मुद्दों और तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखनी है।”
उन्होंने कहा, ‘‘2024 में महात्मा गांधी जी के कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष बनने की शताब्दी है। 2023 कांग्रेस पार्टी सेवादल की शताब्दी है। 2024 में बीजेपी को सत्ता से बेदख़ल करना महात्मा गांधी जी को सच्ची श्रद्धांजलि होगा।”

