मिलिंद परांडे ने राजस्थान में धर्मांतरण के मामलों में आई तेजी को लेकर जताई चिंता
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के महासचिव मिलिंद परांडे ने रविवार को राजस्थान के दौरे के दौरान सिरोही के एक निजी होटल में पत्रकार वार्ता को संबोधित किया. विश्व हिंदू परिषद के 61वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित इस वार्ता में उन्होंने हिंदुस्तान और सनातन धर्म विरोधी वैश्विक ताकतों द्वारा राष्ट्र को कमजोर करने के लिए रचे जा रहे षड्यंत्रों पर गंभीर चिंता जताई.
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उन्होंने धर्मांतरण और नशाखोरी को सबसे बड़ी चुनौतियों के रूप में चिह्नित करते हुए राजस्थान गवर्नमेंट से तुरन्त धर्मांतरण निरोधक विधेयक लाकर सख्त कानून बनाने की मांग की.
परांडे ने बोला कि राजस्थान में व्यापक स्तर पर धर्मांतरण की गतिविधियां चल रही हैं, खासकर सीमावर्ती जिलों में, जहां योजनाबद्ध ढंग से जनसंख्या असंतुलन पैदा करने का कोशिश हो रहा है.
उन्होंने इल्जाम लगाया कि देशभर में विशेष रूप से पूर्वोत्तर और सीमावर्ती क्षेत्रों में गैरकानूनी मजहबी इमारतों का निर्माण इस रणनीति का हिस्सा है. इसे रोकने के लिए गवर्नमेंट को ठोस कदम उठाना चाहिए.
युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को चिंताजनक बताते हुए परांडे ने बोला कि युवा देश का आधार हैं, लेकिन नशाखोरी उनकी शक्ति को नष्ट कर रही है. इसके निवारण के लिए विहिप, बजरंग दल और दुर्गा वाहिनी जल्द ही राष्ट्रव्यापी नशा मुक्ति अभियान प्रारम्भ करेंगे. इस अभियान के अनुसार स्कूलों, कॉलेजों और समाज के विभिन्न वर्गों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे.
मंदिरों पर सरकारी नियंत्रण को अन्यायपूर्ण करार देते हुए परांडे ने बोला कि राष्ट्र में किसी मस्जिद या चर्च पर सरकारी दखल नहीं है, लेकिन मंदिरों पर सरकारी नियंत्रण लागू है. हिंदू समाज द्वारा मंदिरों में दी गई दान राशि का सरकारें मनमाने ढंग से दुरुपयोग कर रही हैं और इसे अन्य धर्मों के लोगों पर खर्च किया जा रहा है. विश्व हिंदू परिषद इस अन्याय के विरुद्ध मंदिर मुक्ति आंदोलन को और तेज करेगा.
मिलिंद परांडे ने चेताया कि वैश्विक ताकतें हिंदू समाज को जाति, भाषा, प्रांत और परंपरा के नाम पर बांटने की षड्यंत्र रच रही हैं.
हिंदू प्रतीकों, संतों और त्योहारों के प्रति अनादर फैलाया जा रहा है, और युवाओं और स्त्रियों में आत्महीनता भरकर उन्हें अपनी सांस्कृतिक जड़ों से काटने का कोशिश हो रहा है. इन चुनौतियों से निपटने के लिए विश्व हिंदू परिषद अपने सामाजिक जागरूकता अभियानों को और तेज करेगा.
उन्होंने हिंदू समाज से एकजुट होकर इन षड्यंत्रों का मुकाबला करने और सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए आगे आने का आह्वान किय

