मोदी सरकार को घरेलु मुद्दों पर करना चाहिए अपना ध्यान आकर्षित :खरगे
नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोमवार को बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र गवर्नमेंट को लोगों के असली मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने की याद दिलाई और बोला कि पीएम मोदी “सच्चाई छिपाने” के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं, लेकिन जनता बिना विचलित हुये सच जानना चाहती है।
एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में खड़गे ने कहा: “अब जब जी-20 की बैठक ख़त्म हो गई है, मोदी गवर्नमेंट को घरेलु मुद्दों पर अपना ध्यान आकर्षित करना चाहिए।”
मुद्दों के बारे में बिंदुवार उन्होंने लिखा, ”महँगाई : अगस्त में एक आम खाने की थाली का मूल्य 24 फीसदी बढ़ गया है।
”बेरोज़गारी : राष्ट्र में बेरोज़गारी रेट आठ फीसदी है। युवाओं का भविष्य अंधकारमय है।
”घोटाले : मोदी गवर्नमेंट के कुशासन में करप्शन की बाढ़ आ गई है। सीएजी ने कई रिपोर्टों में बीजेपी की पोल खोली है। जम्मू और कश्मीर में 13,000 करोड़ रुपये का जल जीवन भ्रष्टाचार सामने आया है, जिसमें एक दलित आईएएस अधिकारी को इसलिए प्रताड़ित किया गया, क्योंकि उन्होंने करप्शन खुलासा कर दिया।”
उन्होंने लूट के बारे में उदाहरण देते हुए बोला कि पीएम के ”परम मित्र” की लूट हाल ही में फिर सामने आई है। कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष ने लिखा, “आरबीआई के पूर्व डिप्टी गवर्नर, विरल आचार्य ने 2019 चुनाव के पहले आरबीआई के ख़ज़ाने से मोदी गवर्नमेंट को तीन लाख करोड़ रुपये ट्रांसफर करने के सरकारी दबाव का विरोध किया था, यह खुलासा अब सामने आया है।”
उन्होंने मणिपुर में जातीय संघर्ष और हिमाचाल की बाढ़ का के मामले उठाते हुये लिखा, ”त्रासदी: मणिपुर में पिछले कुछ दिनों में फ़िर अत्याचार हुई, हिमाचल प्रदेश में आपदा आई हुई है, पर अहंकारी मोदी गवर्नमेंट उसको राष्ट्रीय आपदा घोषित करने से बच रही है।”
खड़गे ने कहा, “इन सब के बीच, मोदी जी सच्चाई पर पर्दा डालने की पुरज़ोर प्रयास कर रहें हैं। पर जनता मोदी गवर्नमेंट के ध्यान भटकाने वाले मुद्दों की बजाय सच सुनना और देखना चाहती है।”
राज्य सभा में नेता प्रतिपक्ष ने अगले लोकसभा चुनाव के लिए चेतावनी देते हुये लिखा, ”ध्यान लगाकर सुन ले मोदी गवर्नमेंट – 2024 में आपकी विदाई का रास्ता जनता ने बनाना प्रारम्भ कर दिया है।”
दो दिवसीय जी20 शिखर सम्मेलन रविवार को खत्म हो गया, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन, ब्रिटेन के पीएम ऋषि सुनक और कई अन्य राष्ट्रों के शीर्ष नेताओं ने भाग लिया।
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