राष्ट्रीय

राज्य में बनेगी स्पेस पॉलिसी : मोहन यादव

भोपाल, मध्य प्रदेश गवर्नमेंट द्वारा राज्य में इसरो केंद्र बनाने के कोशिश जारी हैं. सीएम मोहन यादव ने गुरुवार को बोला कि राज्य में स्पेस पॉलिसी बनेगी.

Download 2025 03 27t214809. 440

WhatsApp Group Join Now

राष्ट्रीय वैज्ञानिक सम्मेलन एवं विज्ञान उत्सव और 40वें मध्यप्रदेश युवा वैज्ञानिक सम्मेलन का वर्चुअल उद्घाटन करते हुए सीएम ने यह बात कही. उज्जैन के कालीदास अकादमी परिसर में हो रहे सम्मेलन को वर्चुअली संबोधित करते हुए उन्होंने बोला है कि विज्ञान में प्रकृति के अनेक रहस्य सुलझाने की क्षमता है. आज विज्ञान और प्रौद्योगिकी के अनुप्रयोग से अनेक क्षेत्रों में बड़े बदलाव हो रहे हैं. फार्मिंग से लेकर फाइनेंस तक, मैन्यूफैक्चरिंग से लेकर मेडिसिन तक और एजुकेशन से लेकर कम्यूनिकेशन तक, प्रत्येक क्षेत्र का स्वरूप परिवर्तित हो रहा है.

मोहन यादव ने बोला कि पीएम मोदी के नेतृत्व में गत एक दशक में हिंदुस्तान ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में तीव्र प्रगति की है. देश में एक नयी ऊर्जा और शक्ति का संचार हुआ है. मेक इन इण्डिया और आत्मनिर्भर हिंदुस्तान की विजनरी नीति का ही रिज़ल्ट है कि हिंदुस्तान रक्षा और अंतरिक्ष के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहा है. हिंदुस्तान इस क्षेत्र में ग्लोबल लीडर बन रहा है.

उन्होंने बोला कि मध्य प्रदेश गवर्नमेंट द्वारा शीघ्र ही स्पेस पॉलिसी बनाई जाएगी. प्रदेश में इसरो के केंद्र की आरंभ के लिए भी मंथन प्रारंभ किया गया है. हाल ही में जीआईएस के दौरान विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल पर केंद्रित चार नीतियों को लागू करने की पहल इसी दिशा में जरूरी कदम है.

मुख्यमंत्री यादव ने बोला कि राज्य में विभिन्न क्षेत्रों में विज्ञान का इस्तेमाल बढ़ाया जाएगा. प्रदेश को टेक्नोलॉजी और इनोवेशन हब बनाया जाएगा. प्रदेश में चिकित्सा और अन्य क्षेत्रों में भी विज्ञान का प्रयोग बढ़ रहा है. विशेष रूप से कृषि क्षेत्र में ड्रोन का इस्तेमाल हो रहा है. मध्य प्रदेश में ड्रोन के माध्यम से राजस्व के क्षेत्र में भी नक्शे बनाने की आरंभ की गई है. रायसेन से राष्ट्रीय स्तर पर शहरी बस्तियों के भूमि सर्वेक्षण का पायलट प्रोजेक्ट प्रारम्भ हुआ. प्रदेश के अन्य शहरों में भी जमीन, भूखंड और बस्तियों का डिजिटल नक्शा बनाने की पहल हुई है. इससे संपत्ति के स्वामित्व के रिकॉर्ड रखना आसान होगा. अनेक क्षेत्रों में विज्ञान का इस्तेमाल कार्यों को आसान बना रहा है.

 

Back to top button