सांसद बांसुरी स्वराज ने मोदी सरकार के 11 साल कार्यकाल की व्याख्या की…
नई दिल्ली, 20 जून ). बीजेपी की सांसद बांसुरी स्वराज ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मोदी गवर्नमेंट के 11 वर्ष के कार्यकाल की व्याख्या की. उन्होंने गवर्नमेंट के कार्यकाल को देश के मूल निर्माण का दौर बताया. बांसुरी स्वराज ने बोला कि आज विदेशों में हिंदुस्तान की धाक बढ़ी है. भारतीय नागरिकों को अन्य राष्ट्रों में आज सम्मान की नजरों से देखा जाता है. हिंदुस्तान में हुए विकास की बात करते हुए उन्होंने बोला कि इंफ्रास्ट्रक्चर में एक बड़ी क्रांति आई है.

बांसुरी स्वराज ने कहा, 2014 से पहले कश्मीर में तिरंगा फहराना भी चुनौतीपूर्ण था, लेकिन आज हालात बदल चुके हैं. आज हम गर्व से देख सकते हैं कि चिनाब ब्रिज जैसे विशाल निर्माण कार्य पूरे हुए हैं और पीएम मोदी वहां तिरंगा लेकर नजर आए. ये केवल विकास के प्रतीक नहीं हैं, बल्कि हिंदुस्तान के आत्मसम्मान और आत्मशक्ति के भी प्रतीक हैं.
मोदी गवर्नमेंट की सुरक्षा नीति पर बोलते हुए उन्होंने बोला कि गवर्नमेंट ने 2026 तक हिंदुस्तान को नक्सलवाद से पूर्णतः मुक्त करने का लक्ष्य रखा है और अब तक 60 से अधिक जिले नक्सलवाद से मुक्त हो चुके हैं. बांसुरी स्वराज ने आतंकवाद के विरुद्ध गवर्नमेंट की जीरो टॉलरेंस नीति को भी रेखांकित किया.
भाजपा सांसद ने कहा, जब-जब पाक प्रायोजित आतंकवाद ने हिंदुस्तान पर धावा किया, तब-तब हमारी सेनाओं ने पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उसका मुंहतोड़ उत्तर दिया. चाहे सर्जिकल हड़ताल हो या हाल ही में सफल हुआ ऑपरेशन सिंदूर, हिंदुस्तान ने दिखाया है कि हम अपनी सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं करते.
बांसुरी स्वराज ने हाल में हुई कूटनीतिक पहल का उल्लेख करते हुए बोला कि हिंदुस्तान ने सियासी विचारधाराओं की भिन्नता को पीछे छोड़ते हुए सभी दलों के सांसदों को अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर हिंदुस्तान का अगुवाई करने के लिए विदेश भेजा. उन्होंने कहा, हर सांसद ने हिंदुस्तान की एकता की बात की. ये हमारे लिए एक बड़ी खुशी है.
कोविड महामारी के समय मोदी गवर्नमेंट की नीति की सराहना करते हुए उन्होंने बोला कि हिंदुस्तान ने कई राष्ट्रों को निःशुल्क वैक्सीन भेजी, जो उन राष्ट्रों के लिए संजीवनी बूटी साबित हुई. प्रेस वार्ता के अंत में बांसुरी स्वराज ने बोला कि प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हिंदुस्तान केवल विकास नहीं कर रहा, बल्कि वैश्विक मंच पर एक उत्तरदायी शक्ति के रूप में उभर रहा है. 11 वर्षों में जो कुछ भी बदला है, वो केवल नीतियां नहीं, बल्कि हिंदुस्तान के आत्मविश्वास और दृष्टिकोण का परिवर्तन है.

